Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर गृह विभाग का आदेश अब ई-मेल से पत्र व सूचनाएं भी मानी जाएंगी सही

महाप्रशासनिक विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने आदेश जारी कर सभी सरकारी विभागों और विभागाध्यक्षों को कहा है कि सचिवालय के जम्मू और श्रीनगर विंग में डाक की प्राप्ति के लिए सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट स्थापित की गई हैं।

Rahul SharmaSat, 31 Jul 2021 09:41 AM (IST)
गोपनीय, अत्यंत महत्वपूर्ण डाक के अलावा कोई अन्य डाक स्वीकार नहीं की जाए।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो: जम्मू कश्मीर गृह विभाग के अधीन सभी विभागों में अब ई-मेल के जरिये होने वाले पत्र व्यवहारों को सही माना जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग ने अधीनस्थ सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि ई-मेल पर होने वाली सूचनाएं व पत्र प्रमाणिक माने जाएं। सिर्फ अत्यंत गोपनीय और राष्ट्रीय एकता, अखंडता व सुरक्षा से जुड़े मामलों में यह आदेश लागू नहीं होगा। इस विषय से संबंधित मुद्दों पर सीधे संवाद और पुरानी निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जा सकता है। इस बीच, महा प्रशासनिक विभाग ने भी सभी विभागों को सूचित किया है कि वह सचिवालय में किसी विभाग विशेष को डाक सीधे प्रेषित करने के बजाय सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट को ही भेजें।

सचिवालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई विभागीय गतिविधियों में तेजी और पारदर्शिता व उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ाने के साथ ई-आफिस व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावी बनाने के लिए ही की जा रही है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव शालीन काबरा ने गत बुधवार को गृह विभाग के अधीनस्थ सभी विभागाध्यक्षों के लिए औपचारिक आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि अधिकारिक गतिविधियों और पत्र व्यवहार के लिए इलेक्ट्रानिक और इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल के संदर्भ में बीते साल अधिसूचना जारी की थी। इसके लिए स्पष्ट नियम व निर्देेशावली तय की गई। इसके बावजूद विभिन्न विभागों में निर्देशों पर काम नहीं हो रहा है। इलेक्ट्रानिक माध्यमों से पत्र व्यवहार और कामकाज की व्यवस्था को अमल में नहीं लाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि गृह विभाग के अधीनस्थ विभाग ही नहीं, अन्य विभागों को भी जब कभी गृृह विभाग से पत्र व्यवहार करना है तो वह निॢदष्ट व्यवस्था को अपनाएं और ई-मेल के जरिए ही संपर्क करें। अगर कोई दस्तावेज है तो उसकी स्कैन प्रतिकृति को मेल के साथ संलग्न किया जाए। संपर्क और पत्र व्यवहार के लिए अधिकारियों के ई-मेल भी जारी किए गए हैं। ई-मेल पर होने वाले पत्र व्यवहार को प्रमाणिक मानते हुए कार्रवाई की जाए। अलबत्ता, जो पत्र व्यवहार गोपनीय और सुरक्षा से जड़े मामलों से हो और जिसे गृह विभाग के प्रमुख सचिव को निजी तौर पर प्रदान किया जाना है या सूचित किया जाना है, उस मामले में ई-मेल की अनिवार्यता नहीं है।

जम्मू और श्रीनगर विंग में सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट स्थापित: इस बीच, महाप्रशासनिक विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने आदेश जारी कर सभी सरकारी विभागों और विभागाध्यक्षों को कहा है कि सचिवालय के जम्मू और श्रीनगर विंग में डाक की प्राप्ति के लिए सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट स्थापित की गई हैं। इसलिए सचिवालय में किसी भी विभाग और अधिकारी के लिए डाक को सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट को ही प्रेषित किया जाए। वह इसे प्राप्त कर संबंधित विभाग और अधिकारी तक पहुंचाएगा। किसी भी विभाग के प्रशासकीय सचिव या कार्यालय को सीधे तौर पर आम डाक नहीं भेजी जाए। सिर्फ गोपनीय डाक को ही संबंधित विभाग के प्रशासकीय सचिव के निजी विभाग या संबंधित अधिकारी को भेजी जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रशासकीय सचिवों से भी कहा है कि गोपनीय और अत्यंत महत्वपूर्ण डाक के अलावा कोई अन्य डाक जो सेंट्रल रजिस्टरी यूनिट के माध्यम से प्राप्त न हो, स्वीकार नहीं की जाए। 

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