Jammu Kashmir: अल्ताफ बुखारी बोले- उम्मीद से पहले ही PAGD का खात्मा शुरू हुआ, तारीगामी हुए लोन के फैसले से आहत

जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेेयरमैन अल्ताफ बुखारी, नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता हसनैन मसूदी, माकपा नेता मोहम्मद युसुफ तारीगामी

पीएजीडी के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर की जनता को विभिन्न भावुक और लुभावने नारों से मूर्ख बनाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन अब लोग मूर्ख नहीं बनने वाले। पीएजीडी के पतन को लेकर लोग पहले ही कयास लगा रहे थे।

Publish Date:Tue, 19 Jan 2021 08:40 PM (IST) Author: Vikas Abrol

जम्मू। जेएनएन। जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेेयरमैन अल्ताफ बुखारी ने कहा कि सिद्धांतहीन और अवसरवादी पीपुल्स एलांयस फार गुपकार डिक्लेरेशन का उम्मीद से पहले ही खात्मा शुरू हो गया है। यह तो हाेना ही था। पीपुल्स कांफ्रेंस का अलग होना इसके खात्मे की शुरुआत है। पहले ही दिन से पीएजडी का नेतृत्व खुद को राजनीतिक रुप से प्रासंगिक बनाने व चुनावी फायदे के लिए लोगों की भावनाओं का शाेषण करने उनके साथ धोखाधड़ी में लगे हुए हैं। पीएजीडी के घटकों को अब समझ आ गया है कि लोग उनसे चुनावी वादों को पूरा करनेे लिए कहेंगे। पीएजीडी के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर की जनता को विभिन्न भावुक और लुभावने नारों से मूर्ख बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब लोग मूर्ख नहीं बनने वाले। पीएजीडी के पतन को लेकर लोग पहले ही कयास लगा रहे थे। नेशनल कांफ्रंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व काे गंभीरता से आत्मचिंतन करते हुए आम लोगों के शोषण की सियासत बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीपुल्स कांफ्रेंस के गुपकार एलांयस से अलग होने के बाद आम जनता को भी पता चल गया है कि कौन भाजपा की बी टीम है और कौन राजा के लोग हैं। कल तक जो लोग हम पर आरोप लगाते थे अब वह जान गए है कि बी टीम कौन है।

पीपुल्स कांफ्रेंस के अलग होने से पीएजीडी पर काेई असर नहीं होगा

इसी बीच नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता व सांसद हसनैन मसूदी का कहना है कि पीपुल्स कांफ्रेंस के अलग होने से पीएजीडी पर काेई असर नहीं होगा। पीएजीडी का गठन जम्मू कश्मीर में पांच अगस्त 2019 से पहले की संवैधानिक स्थिति लागू करने और जम्मू कश्मीर के लोगाें के सम्मान व अधिकारों के सरंक्षण के लिए हुआ है। लोकतंत्र में हरेक को अपनी राय रखने का हक है, कोई भी स्वेच्छा से किसी भी दल के साथ नाता जोड़ या तोड़ सकता है। अगर सज्जाद गनी लोन समझते हैं कि पीएजीडी से अलग होने का उनका फैसला सही है तो यह उनके लिए सही होगा। पीएजीडी को इससे कोई नुकसान नहीं है। अगर आने वाले समय में सज्जाद गनी लोन का इरादा बदल जाता है तो लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप उनका स्वागत ही किया जाएगा। पीएजीडी में शामिल सभी दलों व नेताओं का मानना है कि वह सही रास्ते पर हैं। डीडीसी चुनाव हम सभी के लिए चुनौती थी और इसमें हम सफल रहे हैं। डीडीसी चुनाव में पीएजीडी की जीत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सज्जाद गनी लोन के फैेसले के बाद डॉ. फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को एकजुट रहना चाहिए, उन्हें प्रत्येक दबाव काे झेलते हुए आग बढ़ना चाहिए और यकीन रखना चाहिए कि उन्होंने जो रास्ता चुना है, वह जम्मू कश्मीर के लोगों और आने वाली पीढ़ियों की बेहतरी के लिए ही चुना है।  

सज्जाद गनी लोन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए

माकपा नेता और पीएजीडी के संयोजक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कहा कि सज्जाद गनी लोन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यजनक है। इस समय तो हम सभी में एकजुटता की सबसे ज्यादा जरूरत है। असहमति हो सकती है, लेकिन सिद्धांतों और लक्ष्य पर काेई समझौता नहीं होना चाहिए। कुछ खामियां हो सकती हैं। यहां सब कुछ जल्दबाजी में हुआ है। डीडीसी चुनावों के एलान के समय हम सभी लाेग जम्मू में सिविल सोसायटी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी रणनीति व एजेंडे का रोडमैप तैयार कर रहे थे। छद्म उम्मीदवारों को लेकर पीपुल्स कांफ्रेंस ने जो शंका, दावे जताए हैं, सही हो सकते हैं, लेकिन हमने मिलकर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया है। इसे ही प्राथमिकता देनी चाहिए। मैं सज्जाद गनी लोन को न कोई सलाह दे सकता हूं और न उन्हें समझा सकता हूं, लेकिन मैं उनके फैसले से आहत हूं। मैं सिर्फ यही चाहता हूं कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करें औेर डॉ. फारूक अब्दुल्ला उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को हल करें, ताकि हम सभी मिलकर पीएजीडी को उसके मकसद में कामयाब बना सकें।

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