Police Commemoration Day 2021 : एक वर्ष में जम्मू कश्मीर पुलिस के 17 कर्मियों समेत 377 सुरक्षाबलों ने दी शहादत

प्रदेश जम्मू कश्मीर में इन दिन का मुख्य कार्यक्रम श्रीनगर के जीवान में आयोजित होता है। जिसमें पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह शहीद होने वाले सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि देंगे। वहीं जम्मू में पुलिस स्टेडियम गुलशन ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित होगा।

Rahul SharmaWed, 20 Oct 2021 01:35 PM (IST)
जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर बने पुलिस शहीद मेमोरियल में भी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाएंगे।

जम्मू, दिनेश महाजन : बीते एक वर्ष में देशभर की सीमाओं और लोगों के जान व माल की रक्षा करते 377 पुलिस कर्मी और अ‌र्द्ध सैनिक बल के जवानों ने हस्ते-हस्ते अपने प्राणों की आहुति दी। देश की खातिर शहीद होने वाले इन वीर सपूतों को पूरा देश नमन करता है। सीमा पार से पाकिस्तान द्वारा परोक्ष युद्ध छेड़ा गया हे। इस अघोषित युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वालों में जम्मू कश्मीर पुलिस के 17 अधिकारी व जवान शामिल है। इसके साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के सात जवानों ने भी अपनी जान देकर कई निर्दोष लोगों की जान बचाई।

प्रतेक वर्ष देश की रक्षा करते शहीद होने वाले पुलिस और अ‌र्द्ध-सैनिक बलों के जवानों को 21 अक्टूबर के दिन श्रद्धांजलि दी जाती है। इस दिन को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के नाम से मनाया जाता है। प्रदेश जम्मू कश्मीर में इन दिन का मुख्य कार्यक्रम श्रीनगर के जीवान में आयोजित होता है। जिसमें पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह शहीद होने वाले सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि देंगे। वहीं, जम्मू में पुलिस स्टेडियम गुलशन ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके अलावा जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर बने पुलिस शहीद मेमोरियल में भी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाएंगे।

21 अक्टूबर 2020 से 19 अक्टूबर 2021 के बीच विभिन्न आतंकी गतिविधियों में जम्मू कश्मीर पुलिस के 17 जवानों ने शहादत दी। इन में दो इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सबइंस्पेक्टर, ग्यारह कांस्टेबल रैंक के कर्मी और तीन स्पेशल पुलिस आफिसर शहीद हुए। शहीदों में एसएचओ अनंतनाग अरशद अहमद खान और इंस्पेक्टर मोहम्मद अशरफ भी शामिल हैं।

कोरोना नियमों का रखा जाएगा ध्यान : एसएसपी आमर्ड पुलिस शहजाद सलारिया ने बताया कि प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस को जम्मू पुलिस धूमधाम से मनानी है। इस वर्ष कोरोना काॅल के चलते प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों को देखते हुए श्रद्धांजलि समारोह में केवल गणमान्य लोगों के अलावा शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों को ही बुलाया जाएगा।

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास : 21 अक्टूबर 1959 में 10 पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया था। तब तिब्बत के साथ भारत की 2,500 मील लंबी सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी भारत के पुलिसकर्मियों की थी। इस घटना से एक दिन पहले 20 अक्टूबर, 1959 को तीसरी बटालियन की एक कंपनी को उत्तर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स में तैनात किया गया था। इस कंपनी को 3 टुकड़ियों में बांटकर सीमा सुरक्षा की बागडोर दी गई थी। लाइन ऑफ कंट्रोल में ये जवान गश्त के लिए निकले थे। आगे गई दो टुकड़ी के सदस्य उस दिन दोपहर बाद तक लौट आए थे। लेकिन तीसरी टुकड़ी के सदस्य नहीं लौटे थे। उस टुकड़ी में दो पुलिस कांस्टेबल और एक पोर्टर शामिल थे। 

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