कश्मीरी पंडितों के लिए पांच जिलों में बनेंगे 2744 फ्लैट, 278 कनाल जमीन स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी

Kashmiri Pandits कश्मीर संभाग के पांच जिलों में सात चिन्हित जगहों पर ट्रांजिट आवासी सुविधा के तहत 2744 फलैट बनाने का प्रस्ताव मंजूर किया है। यह पूरी परियोजना 18 माह में तैयार होगी और करीब 413 कुशल व गैर कुशल कारीगरों को रोजाना रोजगार प्रदान करेगी।

Rahul SharmaWed, 28 Jul 2021 07:36 AM (IST)
कश्मीरी विस्थापितों के लिए 920 करोड़ की लागत से छह हजार ट्रांजिट आवास मंजूर किए थे।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो: कश्मीर घाटी के पांच जिलों में विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए 2744 आवासीय फलैट बनेंगे। इनके निर्माण के लिए प्रदेश प्रशासनिक परिषद ने 278 कनाल जमीन आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनॢनर्माण विभाग को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह ट्रांजिट आवासीय सुविधा प्रधानमंत्री विकास पैकज, 2015 के तहत कश्मीरी विस्थापित कॢमयों के लिए होगी।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव 24 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में मंजूर किया गया है। परिषद ने 356 करोड़ की अनुमानित लागत से कश्मीर संभाग के पांच जिलों में सात चिन्हित जगहों पर ट्रांजिट आवासी सुविधा के तहत 2744 फलैट बनाने का प्रस्ताव मंजूर किया है। यह पूरी परियोजना 18 माह में तैयार होगी और करीब 413 कुशल व गैर कुशल कारीगरों को रोजाना रोजगार प्रदान करेगी। इस आवासीय सुविधा में लगभग सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह आवास सिर्फ प्रधानमंत्री राहत पैकेज के तहत कश्मीर में नौकरी प्राप्त करने वाले विस्थापित कश्मीरियों को ही मिलेंगे।

इससे पूर्व 2015 में प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर में नौकरी प्राप्त करने वाले कश्मीरी विस्थापितों के लिए 920 करोड़ की लागत से छह हजार ट्रांजिट आवास मंजूर किए थे। 

हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग में पदोन्नतियां: हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग कश्मीर की पहली राज्य स्तरीय विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक निदेशक हस्तशिल्प और हथकरघा, महमूद अहमद शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान विभाग के मिनिस्ट्रियल और तकनीकी काडर के 50 अधिकारियों को अगले उच्च स्तर ग्रेड में पदोन्नति के लिए मंजूरी दी गई।पदोन्नति के अलावा, वर्षों से लंबित कई मुद्दों को भी बैठक के दौरान हल किया गया। हथकरघा और हस्तशिल्प दोनों ही विभागों काे एक करने के बाद यह पहली बैठक थी। इसमें जम्मू के निदेशक डा. विकास गुप्ता वर्चुअल मोड से भाग लिया।

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