Ceasefire Violation : जम्मू-कश्मीर नियंत्रण रेखा पर पाक गोलाबारी तो नहीं हुई, घुसपैठ के कई प्रयास हुए : जीओसी पांडे

Ceasefire Violation in Jammu Kashmir जीओसी ने आइजीपी और डीजीपी का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा समय में कश्मीर में 60 से 70 पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं। कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों का संयुक्त अभियान जारी है।

Rahul SharmaMon, 20 Sep 2021 01:23 PM (IST)
जिला राजौरी व पुंछ में इस अवधि के दौरान 12 से अधिक आतंकी मार गिराए हैं।

श्रीनगर, जेएनएन: यह अच्छी बात है कि इस साल संघर्ष विराम उल्लंघन में कोई वृद्धि नहीं हुई है। कश्मीर घाटी में पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की कोई घटना सामने नहीं आई है। इससे सीमांत लोग खुश हैं। हालांकि इस दौरान घुसपैठ के कई प्रयास किए गए जिन्हें सतर्क भारतीय जवानों ने अपनी चौकसी से विफल बना दिया।

यह बात श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी 15 कोर) लेफ्टनेंट जनरल डीपी पांडे ने दी। कोर कमांडर ने कहा कि 25 फरवरी को जंगबदी की पुनर्बहाली के बाद जम्मू व कश्मीर में सीमा पर शांति है। पाकिस्तानी सैनिकों ने इस बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय क्षेत्र में गोलाबारूद नहीं किया। हालांकि इस दौरान जम्मू व कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास किए गए।  

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि केवल 2 प्रयास सफल हुए हैं। एक को निष्प्रभावी कर दिया गया था। उड़ी सेक्टर में भी घुसपैड की सूचना है। आतंकियों की तलाश में एक ऑपरेशन चल रहा है। सीमा की रक्षा में तैनात भारतीय जवान पूरी चौकसी बनाए हुए हैं। गुलाम कश्मीर में बैठे आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान सेना की मदद से कई हथियार बंद आतंकियों ने भारतीय क्षेत्र में धकेलने की कोशिश की। ऐसा प्रयास करते हुए जिला राजौरी व पुंछ में भारतीय सेना ने 12 से अधिक आतंकी मार गिराए हैं। 

इस दौरान जीओसी ने आइजीपी और डीजीपी का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा समय में कश्मीर में 60 से 70 पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं। कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों का संयुक्त अभियान जारी है। जल्द ही आतंकवाद को समाप्त कर यहां पूरी तरह से शांति बहाली की जाएगी। कश्मीर के लोग भी अब आतंकवाद, खून-खराबे से तंग आ चुके हैं।

श्रीनगर के हफ्तचिनार में स्थित एक सैन्य प्रतिष्ठान में सेना की ओर से संचालित सुपर-30 कोचिंग केंद्र में छात्रों को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि यह कोचिंग केंद्र वादी के बच्चोें को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं मेें भाग लेने में समर्थ बनाने के लिए शुरु किया गया है। हमारे लिए यह बड़े गर्व की बात है कि सुपर-30 के पहले दो बैच में शामिल 68 छात्र इस समय देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों मेेें शामिल हो चुके हैं। इनमेें से अधिकांश छात्र वादी के दूरदराज के इलाकों के रहने वाले हैं।

सेना अब अपने सुपर-30 प्लस 20 कार्यक्रम के लिए 20 लड़कियों का चयन कर रही है। यह प्रक्रिया अभी जारी है। हम चाहते हैं कि कश्मीर की बेटियां भी आगे बढ़े, अपने सपनों को पूरा करेें। सेना उनकी हर संभव मदद करेगी।

 

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