Smart City Jammu : दो दशक में 200 करोड़ खर्च फिर भी सीवरेज से नहीं जुड़ पाए 40 फीसद घर

Smart City Jammu Sewerage Project भगवती नगर में तीन कंपनियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए हैं। इनमें सबसे पुराना यूईईडी का एसटीपी है जो करीब 20 वर्ष पहले बनाया गया। 10 एमएलडी का यह एसटीपी कुछ साल से काम नहीं कर रहा।

Rahul SharmaMon, 20 Sep 2021 07:29 AM (IST)
जम्मू पश्चिम के अधिकतर घरों में सैप्टिक टैंक बने हुए हैं।

जम्मू, अंचल सिंह : जम्मू कश्मीर में कोई भी सरकार रही हो, वह जनता तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में संजीदा नहीं रही। पानी की पाइप लाइन या सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं देने में दशकों लगते रहे। यही वजह है कि आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद पूरे जम्मू शहर को सीवरेज से नहीं जोड़ा जा सका है।

जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज करीब 70 हजार घर हैं। दो दशक में क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने पर सरकार ने 200 करोड़ रुपये खर्च दिए, फिर भी यहां 28 हजार घरों को सीवरेज से नहीं जोड़ा जा सका है। अब भी जम्मू पश्चिम के 40 फीसद आबादी सीवरेज की सुविधा से वंचित है। काम की गति धीमी होने की एक वजह फंड की कमी रहा है। काम शुरू होने के बाद फंड कम पडऩे से काम बंद होता रहा, जिससे प्रोजेक्ट पूरा करने में विलंब होता गया। ऐसे में यदि शहर को स्मार्ट सिटी बनाना है तो सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी होगी।

इतना ही नहीं, वर्षों पहले जिन मुहल्लों में सीवरेज की पाइप बिछाई गई थी, वह भी लीक करती है। तालाब तिल्लो इलाके में पुरानी सीवरेज में आए दिन चोक होने की समस्या पैदा होती रहती है। बारिश होने पर सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। यहां सीवरेज को अपग्रेड करने की जरूरत है। जम्मू पश्चिम के अधिकतर घरों में सैप्टिक टैंक बने हुए हैं।

जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सीवरेज प्रोजेक्ट इकोनामिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी (ईरा) ने तीन चरणों में पूरा किया। यहां सीवरेज लाइन डालने के बाद 31 हजार घरों में कनेक्शन दिए गए। इनमें शक्ति नगर, बख्शी नगर, रिहाड़ी, पलौड़ा, लक्कड़ मंडी, तोप शेरखानियां, पटोली, मंडलीक नगर, ठठर, जेके कालोनी, ब्रेड फैक्ट्री रोड, पंडोका कालोनी में करीब 20 हजार, जबकि जानीपुर कालोनी, न्यू प्लाट, सरवाल, सुभाष नगर, टाली मोड व साथ लगते क्षेत्रों में 11 हजार कनेक्शन दिए गए।

जम्मू पश्चिम में ईरा ने तीन चरणों में पूरा किया काम: जम्मू पश्चिम में सीवरेज लाइन बिछाने पर ईरा ने 167.36 करोड़ रुपये और यूईईडी ने 34.77 करोड़ खर्च कर दिए, फिर भी जम्मू पश्चिम की चालीस फीसद घरों को सीवरेज से नहीं जोड़ा जा सका। ईरा ने बख्शी नगर, गुढ़ा बख्शी नगर, डोगरा मुहल्ला, आरआरएल के आसपास के क्षेत्रों और शक्ति नगर, रिहाड़ी, राजपुरा, शिव नगर, सरवाल में वर्ष 2009 में सीवरेज लाइन बिछाने का काम शुरू किया था, जो 2019 में खत्म हुआ। वहीं, तोप शेरखानियां, मण्डलीक नगर, पंडोका कॉलोनी, न्यू प्लाट, हाईकोर्ट रोड इलाके में भी वर्ष 2009 में सीवरेज का काम शुरू हुआ था जो 2020 में यानी करीब 11 साल बाद पूरा हुआ। इससे समझा जा सकता है कि सीवरेज लाइन बिछाने की कछुआ चाल की वजह से आज तक पूरा इलाका इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाया।

जम्मू पश्चिम के इन मुहल्लों में सीवरेज नहीं : आनंद नगर, उदयवाला, गोल गुजराल, शारिका विहार, बीएसएफ रोड, पलौड़ा, रामा कालोनी, सुरक्षा विहार, सूर्या विहार, भारत नगर, पेंसिल फैक्ट्री मार्ग, वजीर लेन, रूपनगर, बन तालाब, न्यू प्लाट, जवाहर नगर, जानीपुर कालोनी के कुछ क्षेत्र, राजपुरा, शक्ति नगर के कुछ क्षेत्र, शिवानीपुर, शिव विहार, शांत नगर, भवानी नगर का कुछ क्षेत्र, मेन गुरुद्वारा रोड, मेटाडोर स्टैंड रोड जानीपुर, रामलीला चौक रोड और गुज्जर मुहल्ला में अब तक सीवरेज की सुविधा नहीं दी गई है।

भगवती नगर में यूईईडी का एसटीपी नहीं कर रहा काम : भगवती नगर में तीन कंपनियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए हैं। इनमें सबसे पुराना यूईईडी का एसटीपी है, जो करीब 20 वर्ष पहले बनाया गया। 10 एमएलडी का यह एसटीपी कुछ साल से काम नहीं कर रहा। लिहाजा यहां ईरा और एनबीसीसी द्वारा बनाए गए एसटीपी में इसकी ड्रेनेज डाल कर काम चलाया जा रहा है। इस एसटीपी के बंद होने से तालाब तिल्लो व आसपास के क्षेत्रों में सीवरेज की समस्या बनी रहती है। इस सीवरेज से तालाब तल्लो, महेंद्र नगर, कृष्णा नगर के कुछ इलाके, विकास लेन, रून नगर, गोल पुली, गोल पंजपीर, गोल गुजराल व आसपास के क्षेत्र जुड़े हुए हैं।

तालाब तिल्लो में सीवरेज से जुड़े हैं 7,704 घर : करीब वर्ष 2001 तक शहर में सबसे पहले तालाब तिल्लो क्षेत्र में यूईईडी मैसर्ज यूपी जल निगम ने सीवरेज की पाइप लाइन बिछा दी थी। इसके लिए 10 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया। यहां 1630 मीटर ट्रंक सीवर और 31.812 किलोमीटर लेटरल पाइप डालकर कुल 5,704 घरों को सीवरेज से जोड़ा गया। इस प्रोजेक्ट पर 34.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद फिर यूईईडी ने शेष बच्चे क्षेत्र में सीवरेज डालने का काम किया और 2700 मीटर सीवर व 6200 मीटर लेटरल पाइप डाली और 2000 हजार कनेक्शन दिए। इस पर 8.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अब यहां लीकेज की समस्या आने लगी है, जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है।

जम्मू पश्चिम में ईरा ने बनाया है सीवरेज : जम्मू पश्चिम में ईरा ने सीवरेज प्रोजेक्ट को पूरा किया है। ईरा ने सीवरेज के लिए भगवती नगर में 30 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया और 167.36 करोड़ रुपये की लागत से जानीपुर, भवानी नगर, बख्शी नगर, शक्ति नगर और पलौड़ा क्षेत्र में कनेक्शन दिए हैं। दो साल पहले ही प्रोजेक्ट को पूरा किया गया और इसे यूईईडी के हवाले किया गया।

वार्ड 37 में पचास फीसद घरों में अब तक नहीं दिया गया कनेक्शन : वार्ड नंबर 37 की कारपोरेटर सुनीता गुप्ता का कहना है कि आधे से ज्यादा क्षेत्र में सीवरेज कनेक्शन नहीं हैं। कुछ इलाकों में तो सीवरेज की पाइपें भी नहीं बिछाई गईं। जहां सीवरेज चल भी रही है, वहां भी निकासी रुकने की समस्या आती है। अब थोड़ी व्यवस्था बनी है। शिकायत करने पर कर्मचारी आते हैं और निकासी खोल देते हैं। लोगों को जागरुक करने की भी जरूरत है। यूईईडी से छूटे क्षेत्रों में सीवरेज लगाने को कहा गया है।

पहले बिछाई गई सीवरेज लाइन में आने लगी है लीकेज की समस्या : कारपोरेटर सुच्चा ङ्क्षसह का कहना है कि तालाब तिल्लो क्षेत्र में सीवरेज की काफी दिक्कतें हैं। वर्ष 1996 में बने इस प्रोजेक्ट में अब दिक्कतें आ रही हैं। आए दिन कहीं न कहीं सीवरेज पाइप चोक हो जाती हैं। प्रोजेक्ट की समीक्षा करने की जरूरत है। हफ्ते में एक-दो दिन निकासी रुकने और लीकेज की समस्या आती है और लोगों हमें संपर्क करते हैं। हालांकि अब कर्मचारी बुलाकर समस्स्या ठीक कर रहे हैं लेकिन स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। कई गली ऊंची हो जाती है तो मैनहोल का ढक्कन तक लगाने के अधिकारियों के पीछे भागना पड़ता है। अंत में हारकर लोग स्वयं से पैसे इकट्ठे कर काम करवाते हैं। सीवरेज को लेकर यहां कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

सीवरेज के नाम पर लोगों से होता रहा धोखा : जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के प्रधान सुनील डिंपल का कहना है कि ईरा ने जम्मू पश्चिम में सीवरेज के काम में गुणवत्ता नहीं दिखाई है। अधिकतर मुहल्ले छोड़ दिए गए हैं। सीवरेज पैसा कमाने का एक प्रोजेक्ट बनकर रह गया है। ऐसा नहीं होता तो अभी प्रोजेक्ट शुरू हुए कुछ समय ही हुआ है कि जगह-जगह सीवरेज चोक क्यों हो रही है। सीवरेज के नाम पर लोगों से धोखा किया गया है। न्यू प्लाट समेत बहुत से मुहल्ले हैं जहां सीवरेज लगाई ही नहीं गई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधीन इस प्रोजेक्ट को लाया जाना चाहिए ताकि शेष शहर में भी सीवरेज बन सके।

जम्मू पश्चिम के छूटे मुहल्लों के लिए नया सीवरेज प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। अब यूईईडी ही सीवरेज देख रहा है तो सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सीवरेज संबंधी समस्याओं को शिकायत मिलते ही हल करें। कारपोरेटर अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। पुरानी पाइपों को ठीक करने के लिए योजना बनाने के लिए कहा गया है। आने वाले समय में सारे शहर के लोगों को सीवरेज का लाभ मिलेगा। -  चंद्रमोहन गुप्ता, मेयर, जम्मू नगर निगम 

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