Jammu Kashmir: हैदरपोरा मुठभेड़ की रिपोर्ट तीन दिन में आएगी, लोगों की सुरक्षा को सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात

वादी में अर्धसैनिकबलों की तैनाती में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घाटी में सेना को नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई है।

Vikas AbrolPublish:Sun, 05 Dec 2021 07:54 AM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 08:07 AM (IST)
Jammu Kashmir: हैदरपोरा मुठभेड़ की रिपोर्ट तीन दिन में आएगी, लोगों की सुरक्षा को सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात
Jammu Kashmir: हैदरपोरा मुठभेड़ की रिपोर्ट तीन दिन में आएगी, लोगों की सुरक्षा को सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात

जम्मू, जेएनएन। हैदरपोरा मुठभेड़ पर उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। तीन दिन में रिपोर्ट आएगी। अगर कोई निरपराध मारा गया है तो जो भी दोषी होगा, उसे सजा दी जाएगी। उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कश्मीर में आम अवाम को कोई दिक्कत नहीं है।

वादी में अर्धसैनिकबलों की तैनाती में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घाटी में सेना को नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सीआरपीएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई है ताकि आतंकियों को जिन इलाकों में खाद पानी मिल रहा है, वहां हालात ठीक किए जाएं। अगर आज एक हत्या हो जाए तो यही लोग जो अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठा रहे हैं, कहेंगे कि सरकार आतंकियों को नहीं रोक पा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वह आम लोगों के जान माल की हिफाजत करें।

प्रधानमंत्री पैकेज तो शुरुआत थी, यह मंजिल नहीं

विस्थापित कश्मीरी पंडितों की घाटी वापसी के उपायों पर उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज तो शुरुआत थी, मंजिल नहीं। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत छह हजार नौकरियों के लिए कई साल लग गए। जब उन्होंने कार्यभार संभाला तो 320 पद रिक्त थे। अब 123 पद ही रिक्त हैं और इनमें से 62 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। छह हजार घर बनने थे, एक हजार के करीब ही बने थे।

चार हजार घरों के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया गया है। बाकी घरों के लिए भी डीपीआर बनाई गई है। अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं। मैं आश्वस्त हूं कि जो उपाय किए जा रहे हैं, उससे ऐसी स्थिति बनेगी कि लोग कश्मीर आकर बसेंगे। तीन महीने बाद जब बर्फबारी समाप्त होगी तो देश जान जाएगा कि कश्मीरी पंडितों के बसने का एक स्थायी उपाय होने लगा है। हमने कश्मीरी पंडितों के लिए एक पोर्टल बनाया है, जिस पर 6200 शिकायतें मिली थीं। 15 दिन में अतिक्रमण की शिकायतों का निपटारा किया गया है।