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बसंत रथ आपत्तिजनक टिप्पणियां न करें : कोर्ट

जेएनएफ, जम्मू : द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू जीवन कुमार ने पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) बसंत रथ को किसी भी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह के छह परिचितों के खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी न करने की हिदायत दी है। बसंत रथ ने गत दिनों डीजीपी व उनके परिचितों पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें दुराचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।

डीजीपी दिलबाग सिंह के परिचित बिजनेसमैन परवीन कुमार मित्तल, सौरब दंग, राहुल बंसल, देवेंद्र वर्मा, अमित कोहली व डॉ. विरेंद्र दुबे ने कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने मांग की कि बसंत रथ को ट्वीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने से रोका जाए। उन्होंने बसंत रथ की ओर से कुछ समय से सोशल मीडिया पर की गई ऐसी टिप्पणियों के स्क्रीन शार्ट कोर्ट के सामने पेश किए जिसमें डीजीपी को कथित तौर पर डिल्लू कहकर टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि बसंत को ऐसी सभी टिप्पणियों को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए जाएं। कोर्ट ने मामले पर गौर कर पाया कि आरोपित को भारतीय संविधान के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह अधिकार तब तक है, जब किसी दूसरे के अधिकारों का हनन न करता हो। कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता समाज के सम्मानित नागरिक हैं और एक याची तो डॉक्टर है। अगर आरोपित सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां करता रहा तो उससे छवि को ठेस पहुंचेगी। कोर्ट ने बसंत रथ को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी न करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगर बसंत रथ अपना पक्ष रखना चाहे तो उन्हें इसकी अनुमति है।

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