कश्मीर घाटी में नरसंहार की जांच के लिए स्पेशल क्राइम ट्रिब्यूनल गठित करे सरकार

कश्मीर घाटी में हुए नरसंहार की जांच के लिए पनुन कश्मीर ने सरकार से स्पेशल क्राइम ट्रिब्यूनल का गठन करने की मांग की है। साथ ही रोष जताया कि आज भी नरसंहार करने वाले खुले में घूम रहे हैं। घाटी में कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार आज भी हो रहा है।

Vikas AbrolTue, 15 Jun 2021 06:57 PM (IST)
पनुन कश्मीर ने वर्ष 1997 में आतंकियों की बर्बरता के शिकार हुए कश्मीरी पंडितों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया।

जम्मू, जागरण संवाददाता : कश्मीर घाटी में हुए नरसंहार की जांच के लिए पनुन कश्मीर ने सरकार से स्पेशल क्राइम ट्रिब्यूनल का गठन करने की मांग की है। साथ ही रोष जताया कि आज भी नरसंहार करने वाले खुले में घूम रहे हैं।

घाटी में कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार और उनक संहार आज भी हो रहा है। अल्पसंख्यक नेताओं को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। यह खुफिया तंत्र की कमजोरी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के कारण हो रहा है। सोमवार को ये बातें पनुन कश्मीर के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कही।

1997 में शहीद हुए कश्मीरी पंडितों को पनुन कश्मीर ने दी श्रद्धांजलि

पनुन कश्मीर ने वर्ष 1997 में आतंकियों की बर्बरता के शिकार हुए कश्मीरी पंडितों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया। इस दौरान शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। पनुन कश्मीर के प्रधान वीरेंद्र रैना की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि दिवस कार्यक्रम का संचालन महासचिव कमल बागती ने किया। कार्यक्रम में सबसे पहले शहीद सुशील कुमार भट, रविंदर काबू और अशोक रैना की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिन्हें आतंकवादियों ने 1997 में उस समय हत्या कर दी थी, जब वे बतौत लैक्चरर नौकरी ज्वाइन करने के लिए गूल जा रहे थे।

इनके अलावा दो अन्य शहीदों कन्या लाल डूडा और शिबन लाल गरीब को भी श्रद्धासुमन अर्पित किया गया, जिन्हें सरथल-किश्तवाड़ के पास बेरहमी से मार दिया गया था। कार्यक्रम में राकेश पंडिता को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्हें हाल ही में कश्मीर के त्राल में आतंकियों ने शहीद कर दिया।कार्यक्रम में पनुन कश्मीर के प्रधान वीरेंद्र रैना ने कहा कि कुछ लोग लोकतंत्र की हत्या कर कश्मीर को गर्त में धकेलना चाहते हैं। ऐसी परिस्थित में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का 370 पर पुनर्विचार करने वाला बयान शर्मनाक है। उनका बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के विचार से मेल खाता है। वहीं महासचिव कमल बागती ने कहा कि खुफिया तंत्र की विफलता और सुरक्षा में चूक की वजह से घाटी में भाजपा नेताओं की हत्या की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यक नेताओं की कड़ी सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए। निजी सुरक्षा के अलावा कश्मीरि पंडितों को प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज का लाभ देने की मांग भी उन्होंने उठाई। वहीं उपिंदर कौल ने कहा कि नरसंहार की जांच के लिए स्पेशल क्राइम ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए। कार्यक्रम के अंत में गायत्री मंत्र व शांतिपाठ का आयोजन किया गया गया और एक मिनट का मौन रखा गया। कार्यक्रम में पनुन कश्मीर यूथ के संयोजक समीर भट, अशोक चुंगू, पीके भान, केवल कृष्ण और समीर मट्टू, विमला चुंगू आदि मौजूद थे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.