Jammu: पदोन्नतियों में आरक्षण बहाल करे सरकार, कर्मचारियों ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

थापा ने जम्मू-कश्मीर के आला अधिकारियों पर एससी-एसटी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून व नियम उनके हक में है लेकिन उच्च पदों पर बैठे चंद अधिकारी उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं और वे पदोन्नतियों में आरक्षण को लागू नहीं होने दे रहे।

Rahul SharmaPublish:Wed, 28 Jul 2021 01:45 PM (IST) Updated:Wed, 28 Jul 2021 01:45 PM (IST)
Jammu: पदोन्नतियों में आरक्षण बहाल करे सरकार, कर्मचारियों ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार
Jammu: पदोन्नतियों में आरक्षण बहाल करे सरकार, कर्मचारियों ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

जम्मू, जागरण संवाददाता: जम्मू-कश्मीर रिर्जवड कैटेगिरीज इंप्वारमेंट एलायंस ने जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग दोहराते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अब अनुच्छेद 370 व 35 ए भी खत्म हो चुका है। इसके बावजूद प्रदेश के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा। एलायंस ने जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से अपील की कि वह इसे लेकर आदेश जारी करें और आरक्षित श्रेणी के कर्मचारियों को उनका हक दिलाए।

एलायंस के नेताओं ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति से आरक्षण बहाल करने की गुहार लगाई। एलायंस नेता प्रो. जीएल थापा ने कहा कि 2015 से एससी-एसटी कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्टे आर्डर को भी जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक अधिकारियों ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया।

थापा ने कहा कि पहली मार्च 2019 को राष्ट्रपति के आदेश से भारतीय संविधान का 7वां संशोधन जम्मू-कश्मीर में लागू हुआ जिससे एससी-एसटी श्रेणी के लिए आरक्षण का रास्ता खुलता था लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने का बहाना बनाकर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा।

थापा ने जम्मू-कश्मीर के आला अधिकारियों पर एससी-एसटी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून व नियम उनके हक में है लेकिन उच्च पदों पर बैठे चंद अधिकारी उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं और वे पदोन्नतियों में आरक्षण को लागू नहीं होने दे रहे। एलायंस नेता महेंद्र भगत ने कहा कि ये अधिकारी इतने शक्तिशाली हो गए है कि सत्ताधारी भाजपा की बात भी नहीं सुन रहे।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने भी उनकी मांग को जायज ठहराते हुए पदोन्नतियों में आरक्षण बहाल करने की मांग इनके समक्ष रखी लेकिन ये अधिकारी सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह स्वयं एक आदेश जारी करके जम्मू-कश्मीर में पदोन्नतियों में आरक्षण का प्रावधान लागू करवाकर उनके साथ इंसाफ करें।