Jammu : तेंदुआ पकड़ने जाने के बाद भी जांडी गांव के लोगों में अभी भी है दहशत का माहौल

जहां तेंदुआ तार में फंसा वह आम जगह है जहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। मगर शुक्र है भगवान का कि कोई हादसा नही घटा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह देखना चाहिए कि कहीं और तेंहुए तो आसपास के क्षेत्रों में तो नही छिपे।

Rahul SharmaWed, 27 Oct 2021 11:41 AM (IST)
बाद में बड़े पिंजरे में डालकर तेंहुए को मांडा ले जाया गया।

अखनूर, संवाद सहयोगी : कस्बे से 16 किलोमीटर दूर गांव जड़ में तार (फाई) में फंसे तेंदुए को आखिर बचा लिया गया है। वन्यजीव संरक्षण विभाग की टीम ने तेंदुए को बेहोश कर तार से छुड़ाया और इलाज के लिए और मांडा ले गई। दो साल की उम्र के इस तेंदुए के पैर पर चोंटे आई हुई हैं। 

वैसे यहां से पांच किलोमीटर दूर गांव पंज ग्राई के जंगलों में कभी कभार तेंहुए के प्रकट होने की घटनाएं तो लोगों से सुनी हैं, लेकिन जड़ गांव में कभी भी तेंदुआ नही देखा गया। मगर मंगलवार सुबह सुबह गांव के मोहल्ले के पास तेंदुए की उपस्थित ने लोगों के पांव तले जमीन निकाल दी। यह तेंदुआ यहां कहां से आ गया। वो भी बस्ती के पास तक तेंहुआ पहुंच गया। इससे लोगों में दहशत बन गई और दिन भर गांव के बच्चे अपने घरों में ही दुबके रहे। हालांकि ग्रामीण लोग जगह जगह एकत्र हुए और तेंदुए के बारे में खबर जुटाते रहे। कई बार पुलिस ने इन लोगों को भगाया भी।

तेंदुए की घटना का जैसे जैसे पता चला गांव के लोगों का जगह जगह हजूम जमा होने लगा। कई बार तो यह अफवाह चल गई कि तेंदुआ तार से आजाद होकर निकल आया है, ऐसे में लोगों में लोगों में भागदौड़ का वातावरण भी देखने को मिला। दौड़कर लोग यहां वहां भागते नजर आए। सब हैरान थे कि यह तेंदुआ कहां से आ गया। गांव के सरपंच देस राज ने कहा कि पास के क्षेत्र चौकी चौरा में तेंदुए की घटनाएं तो सुनी है। लेकिन जड़ आज तक सुरक्षित था, अब लोगों को पास को डर लगने लगा है।

जहां तेंदुआ तार में फंसा, वह आम जगह है जहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। मगर शुक्र है भगवान का कि कोई हादसा नही घटा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह देखना चाहिए कि कहीं और तेंहुए तो आसपास के क्षेत्रों में तो नही छिपे। यह तेंदुआ कहां से आया, इसके बारे में कुछ नही कहा जा सकता। मगर वन्यजीव विशेषज्ञों की माने तो यह कालीधार जंगलों से निकल कर यहां पर पहुंचा होगा। वैसे भी पहाड़ों में ठंड बढ़ते ही गुज्जर समुदाय के माल मवेशी का पीछा करते हुए भी तेंदुए निचले इलाकों में पहुंच सकते हैं।

सुबह सुबह लोगों ने देखा कि सड़क किनारे बस्ती के पास एक तेंदुआ फंसा हुआ है। करीब साढ़े छह बजे सबसे पहले राजेंद्र सिंह ने इस तेंदुए को देखा जिसका घर पास ही है। उसने देखा कि एक तेंदुआ तार में फंसा हुआ है और आजाद होने के लिए छटपटा रहा है। यह देखते ही उसके हाेश उड़ गए। तेंदुए का पैर तार में फंसा हुआ था। राजेंद्र सिंह ने शोर मचाया और गांव के लोगों को सूचित किया। इसी बीच लोगों ने पुलिस और वन्यजीव संरक्षण विभाग को भी इसकी सूचना दे दी। सबसे पहले पुलिस पहुंच गई जिसे लोगों को आगे बढ़ने से रोका। वहीं साज सामान को लेकर वन्यजीव संरक्षण विभाग की सात सदस्यीय टीम भी पहुंच गई जिसमें वेटनेरी डाक्टर, ट्रेंकुलाइज करने के विशेषज्ञ भी शामिल है। टीम का नेतृत्व वार्डन अनिल अत्री ने किया। वन्यजीव विशेषज्ञों ने ट्रेंकुलाइजर गन से इंजेक्शन देकर तेंहुए को बेहोश किया और फिर कटर से तार को काटा गया। बाद में बड़े पिंजरे में डालकर तेंहुए को मांडा ले जाया गया।

पहले भी फंस चुके हैं फाई में तेंदुए : गांव के लोग फसलों को जंगली सुअर से बचाने के लिए स्कूटर की क्लच वायर से फंदा (फाई) तैयार करते हैं। यह इस प्रकार से होती है कि अगर जंगली जीव का इसमें पैर घुस गया तो तार कस जाएगी और पैर को जकड़ लेगी। कुछ शिकारी भी इस पद्दति का इस्तेमाल कर जंगली सुअर को काबू करते हैं। लेकिन इस बार सुअर नही, तेंदुआ आ फंसा। यह कोई पहली घटना नही है। दस साल पहले सांबा बेल्ट के कंडी इलाके में भी इसी तरह की घटना पेश आई। फाई में तेंदुआ फंस गया था। वहीं वन्यजीव संरक्षण विभाग पता लगा रहा है कि आखिर फाई लगाने का मकसद क्या था और किसने यह फाई लगाई थी। क्योंकि वन्यजीव अधिनियम के अनुसार इस तरह की हरकत नियम के खिलाफ है।

तार में न फंसता तो हो सकता था कोई हादसा : गांव के पास पहुंच चुका तेंदुआ शुक्र मनाओ कि तार में फंस गया। नही तो यह गांव में घुसकर माल मवेशी को नुकसान पहुंचा सकता था। किसी इंसान से भी इसका टकराव हो सकता था। क्योंकि गांव में 100 घर हैं और सुबह सुबह ही उठ जाते हैं। आज मंगलवार होने के कारण लोग सुबह सुबह पंजग्राई गांव में मंदिर में माथा टेकने भी जाते हैं। जहां तेंदुआ फंसा, उसी प्वाइंट से होकर लोग आगे बढ़ते हैं व पंजग्राई का रास्ता पकड़ते हैं। लेकिन बचाव हो गया। तेंदुआ तार में फंसा होने के कारण किसी को नुकसान नही पहुंचा पाया।

सतर्क रहें लोग: वार्डन

शाम के समय लोग आसपास के जंगल वाले क्षेत्र में जाने से परहेज करें। बच्चे घरों के अंदर ही रहें तो अच्छा है क्योंकि शाम को जंगली जीव सक्रिय हो जाते हैं। चूंकि जंगल क्षेत्र पास है,कोई जंगली जीव भटक कर गांव के आसपास आ सकता है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी जंगली जीव के दिखने पर वन्यजीव संरक्षण विभाग को सूचित करना चाहिए।  - अनिल अत्री वार्डन, वन्यजीव संरक्षण विभाग जम्मू। 

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