जम्मू-कश्मीर को बिजली में सरप्लस बनाने के लिए केंद्र सरकार वचनबद्ध: ऊर्जा मंत्री आरके सिंह

जम्मू-कश्मीर चालू वर्ष में कम से कम नुकसान वाले सभी फीडरों को अधिकतम बिजली देने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करेगा आरईसीपीडीसीएल को मीटर लगाने की गति में तेजी लाने को भी कहा ताकि मार्च 2022 तक 2 लाख मीटर लगाने का काम पूरा किया जा सके।

Rahul SharmaSat, 16 Oct 2021 09:46 AM (IST)
जम्मू-कश्मीर में डेढ़ सौ फीसद क्षमता को बढ़ाया है बल्कि 23 फीसद राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को बिजली के क्षेत्र में सरप्लस बनाने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। इसके लिए सरकार सभी बाधाओं को दूर करने और यहां के नागरिकों को चौबीस घंटे गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध करवाएगी।

इस बात की जानकारी केंद्रीय बिजली और नवीनकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने की। जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के जीवन की सुगमता और उद्योगों के लिए व्यापार में आसानी में सुधार के लिए जम्मू-कश्मीर में चौबीस घंटे गुणवत्ता बाली बिजली आपूर्ति करने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री 118 करोड़ रुपयों की छह पारेषण और वितरण पिरयोजनाओं के उदघाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इन योजनाओं का उदघाटन केंद्रीय मंत्री के साथ उाराज्यपाल ने भी श्रीनगर में राजभवन से ई उदघाटन किया।

इस मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी लोगों को बिजली की आपूर्ति और मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उपराज्यपाल ने कहा कि बेहतर बिजली के क्षेत्र से जीवन में आसानी आती है। औद्योगीकरण बढ़ता है।रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक खस्ताहाल रहे जम्मू-कश्मीर के बिजली के ढांचे को हम लगातार मजबूत बना रहे हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में न केवल डेढ़ सौ फीसद क्षमता को बढ़ाया है बल्कि 23 फीसद राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही बुनियादी ढांचे को जोड़ने और घाटे को कम करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।हमने विलंब करने की पिछली प्रथाओं को समाप्त कर दिया है और बिजली परियोजनाओं को पूरा करने की गति को तेज किया है। उपराज्यपाल ने कहा कि अब बिजली के बुनियादी ढांचे के लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्र में 2025 तक 12 हजार करोड़ रुपयों के निवेश की योजना बनाई है ताकि आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाया जा सके। इससे न सिर्फ सभ्ज्ञी नागरिकों को मांग के अनुरूप बिजली दी जा सकेगी उद्योगों की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। जम्मू-कश्मीर में नई औद्योगिक नीति के तहत 28,400 करोड़ रुपयों के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

ट्रांसमिशन के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर ने लद्दाख से सौर और पवन दोनों अक्षय ऊर्जा की निकासी का सुझाव दिया। यह सहमति हुई कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सहयोग से केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तैयार की गई व्यापक 4971 करोड़ रुपये की निवेश योजना को तुरंत क्रियान्वित किया जाएगा।

वहीं वितरण के क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर को हर संभव सहयोग देने का वादा किया। उन्होंने औद्योगीकरण की जरूरतों को देखते हुए एक विस्तृत योजना बनाकर देने को कहा।यह सहमति हुई कि पहले कदम के रूप में, जम्मू-कश्मीर चालू वर्ष में कम से कम नुकसान वाले सभी फीडरों को अधिकतम बिजली देने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करेगा आरईसीपीडीसीएल को मीटर लगाने की गति में तेजी लाने को भी कहा ताकि मार्च 2022 तक 2 लाख मीटर लगाने का काम पूरा किया जा सके।

इस मौके पर मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, बिजली विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

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