Kashmir Encounter: शोपियां मुठभेड़ में दोनों आतंकी मारे गए, हथियार-गोला बारूद बरामद

आतंकवादियों के शवों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है।

मारे गए दोनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से ताल्लुक रखते थे। उनकी पहचान सबजार अहमद गनई निवासी कुलगाम और आमिर अहमद बट निवासी मालीबुग इमामसाहब शोपियां के रूप में हुई है। आतंकवादियों के शवों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है।

Vikas AbrolMon, 19 Apr 2021 01:49 PM (IST)

जम्मू, जेएनएन।  सुरक्षाबलों ने सोमवार को दक्षिण कश्मीर के शाेपियां में एक मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया। उनके अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है।मारे गए दोनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से ताल्लुक रखते थे। उनकी पहचान सबजार अहमद गनई निवासी कुलगाम और आमिर अहमद बट निवासी मालीबुग इमामसाहब शोपियां के रूप में हुई है। आतंकवादियों के शवों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है।

मुठभेड़ के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और अफवाहों पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने शोपियां के विभिन्न हिस्सों में इंटरनेट मोबाइल सेवा को भी देर शाम तक बंद रखा। इस साल पाक रमजान शुरू होने के बाद कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच आज पहली बार मुठभेड़ हुई है। इस वर्ष अब तक विभिन्न मुठभेड़ों में सु़रक्षाबलों ने 38 आतंकियों काे मार गिराया है।

पुलिस प्रवक्ता ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि शोपियां के मंत्रिबुग जेईपोरा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर आज दोपहर 12.30 बजे पुलिस ने 34 आरआर और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी लेते हुए जवान जैसे ही गांव में एक मकान के पास पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायर कर दिया। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया और वहां मुठभेड़ शुरु हो गई। सुरक्षाबलों ने घेराबंदी में फंसेे आतंकियों को कई बार सरेंडर का मौका भी दिया। स्थानीय गणमान्य नागरिकों और मजहबी नेताओं की मदद भी ली गई,लेकिन आतंकियों ने सरेंडर करने के बजाय सुरक्षाबलों पर फायरिंग जारी रखी।

आतंकियों को सरेंडर के लिए न मानते देख सुरक्षाबलों ने भी जवाबी प्रहार तेज कर दिया। शाम छह बजे के करीब एक आतंकी मारा गया। लगभग 30 मिनट बाद दूसरा आतंकी भी मारा गया।

सुरक्षाबलों को गत 11 अप्रैल को जिला शोपियां के चित्रीगाम और जिला अनंतनाग के बीजबेहाड़ा क्षेत्र में संपन्न हुई मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल हुई थी। जिला शोपियां में अल बदर के जिला कमांडर सहित तीन आतंकवादी मारे गए थे जबकि बीजबेहाड़ा में दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया था। हैरानगी की बात यह रही कि शोपियां में मारे गए आतंकवादियों में एक 14 वर्ष का आतंकी भी शामिल था। अगर पिछले 15 दिनों की बात की जाए तो कश्मीर घाटी में अब तक 15 के करीब आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

कश्मीर के चित्रीगाम में 10 और 11 अप्रैल को मारे गए तीन आतंकियों में 14 वर्ष का फैसल गुलजार गनई भी शामिल था। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 14 वर्ष के आतंकी से आत्मसमर्पण करवाने के काफी प्रयास भी किए थे। उसके परिजनों की भी मदद ली गई थी लेकिन इस दौरान मुठभेड़ स्थल पर मौजूद एक अन्य आतंकी कमांडर ने आतंकी को आत्मसमर्पण करने से इंकार कर दिया था।  

कश्मीर में किशोरों का आतंकी बनना नया नहीं है

कश्मीर में पिछले 30 वर्षों से जारी आतंकी हिंसा के इतिहास को अगर खंगाला जाए तो पता चलेगा कि पूर्व में ऐसी कई आतंकी घटनाओं में किशोर आतंकी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2000 में श्रीनगर के बादामी बाग सैन्य छावनी पर एक किशोर आतंकी ने ही हमला किया था। इसके उपरांत वर्ष 2004 में सेना ने 12 से 17 वर्ष के 9 किशोर आतंकियों को पकड़ा था। अगस्त 2012 में दो किशोर आतंकियों की मदद से सोपोर में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमले करवाए गए थे। वर्ष 2017 में 15 किशोर आतंकी बने थे। वर्ष 2018 में सात किशोर आतंकियों को पकड़ा गया था।

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