UPSC Result : कश्मीर के युवाओं में जनसेवा का जुनून, जम्मू कश्मीर के 8 युवाओं ने UPSC परीक्षा पास की

इकबाल रसूल ने कहा कि आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें नाकामियों से घबराने के बजाय सबक लेना चाहिए। हरेक की अपनी एक क्षमता होती है उसके मुताबिक काम करना चाहिए। यह मत सोचें कि मैं यहां पीछे रह गया दूसरा वहां आगे पहुंच गया।

Rahul SharmaSat, 25 Sep 2021 07:42 AM (IST)
अंनतनाग के रहने वाले वसीम अहमद बट अपने इलाके के पहले युवा हैं जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की है।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : कश्मीर में सूरज ढलते ही लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं। कोई अपने पड़ोसी या रिश्तेदार के घर जाने से भी बचता है, क्योंकि दम तोड़ रहे आतंकवाद को जिंदा रखने वाले तत्व कहीं भी आकर दस्तक दे सकते हैं। लेकिन शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे जागरपोरा से लेकर दक्षिण कश्मीर के डुरू शाहबाद अनंतनाग तक कई जगह लोग आतंकियों से बेखौफ होकर मिठाइयां लेकर, हार लेकर जमा थे। उनकी खुशी कश्मीर में बदले हालात की तस्दीक करने के साथ ही बता रही थी कि वादी के युवाओं में यूपीएससी की परीक्षा पास कर देश-प्रदेश मेें जनसेवा करने का जुनून बढ़ता जा रहा है।

प्रदेश में आठ युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। इनमें कुपवाड़ा के इकबाल रसूल, जम्मू मेें अंतरराष्ट्रीय सीमा से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित स्लैड के सुचित्र शर्मा और डुरू शाहबाद अनंतनाग के वसीम अहमद के अलावा सारा अशरफ, आमिर बशीर, माजिद इकबाल खान, अल्ताफ मोहम्मद शेख और मोहम्मद आकिब शामिल हैं।

कुपवाड़ा के इकबाल रसूल डार ने कहा कि मैं शाम को पिता के साथ नमाज की तैयारी कर रहा था कि अचानक एक दोस्त ने मुझे खुशखबरी दी। कुछ ही देर बाद पूरा गांव यहां जमा हो गया। सभी खुश हैं। उसके पिता गुलाम रसूल डार ने कहा कि खुदा ने हमेें अपने नेमत से नवाजा है। यह खुदा की रहमत है। बस दुआ करो कि यह अवाम की सेवा करता रहे। अपने पिता की बात सुनकर इकबाल हंस पड़ा और बोला कि इन्होंने सही कहा है।

मैंने पुणे स्थित भारतीय विद्यापीठ से बी-टेक किया है। उससे पहले मैंने यहां अपने गांव में और उसके बाद श्रीनगर में ही मैट्रिक और 12वीं की पढ़ाई की। जब मैं इंजीनियरिंग कर रहा था तो मुझे लगा कि मेरा मकसद कुछ और है। बस फिर मैं यूपीएससी की परीक्षा के लिए जुट गया।

वर्ष 2010 मेें यूपीएससी की परीक्षा में टापर रहे शाह फैसल से प्रेरित इकबाल ने कहा कि मैं उनसे कभी नहीं मिला, लेकिन उनका जिक्र होता था तो मुझमें भी यूपीएससी की परीक्षा पास करने जोश का जज्बा पैदा होता था।

छह भाई-बहनों में सबसे छोटे इकबाल रसूल ने कहा कि मैंने जामिया इस्लामिया दिल्ली में तीन साल कोचिंग ली है। यह मेरा तीसरा प्रयास था, जिसमें मैं सफल रहा हूं। मैं तो यही कहूंगा कि आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें, नाकामियों से घबराने के बजाय सबक लेना चाहिए। हरेक की अपनी एक क्षमता होती है, उसके मुताबिक काम करना चाहिए। यह मत सोचें कि मैं यहां पीछे रह गया और वह दूसरा वहां आगे पहुंच गया। आपकी जो दिलचस्पी है, आपको वही करना चाहिए।

अंनतनाग में डुरू शाहबाद के रहने वाले वसीम अहमद बट अपने इलाके के पहले युवा हैं जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। उनकी रैंकिंग 225 है। एनआइटी श्रीनगर से इंजीनियङ्क्षरग की डिग्री प्राप्त करने वाले वसीम अहमद ने कहा कि यह सिर्फ मां-बाप की दुआ और मेहनत का नतीजा है। आप जो भी करें, पूरी इमानदारी और निष्ठा के साथ करें तो आप जरूर कामयाब होंगे। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले चीजों को हालात को समझना चाहिए।  

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