DSP Priyanka : खुद के संघर्ष से मिला दूसरों की मदद करने का जज्बा, जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सलाह देकर कर रही मदद

डीएसपी अधिकारी प्रियंका कुमारी का कहना है कि उनका खुद का जीवन संघर्ष में बीता है।जब वह पढ़ाई कर रही थी तो उसके सिर से पिता का हाथ उठ गया था। वह परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी इस लिए परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधे में आ गई थी।

Rahul SharmaSun, 10 Oct 2021 06:21 PM (IST)
प्रियंका को मलाल है कि बेटी को पुलिस अधिकारी की वर्दी में देखने से पूर्व ही उनके पिता चल बसे।

दिनेश महाजन, जम्मू : प्रताड़ित, शोषित या फिर ठगी का शिकार हो रही महिलाओं को इन दिनों जम्मू कश्मीर पुलिस की एक महिला अधिकारी कानूनी सलाह देकर उन्हें सशक्त बनाने का काम कर रही है। आलम यह है कि उक्त महिला पुलिस अधिकारी के अपने कार्यालय में पहुंचने से पूर्व ही उस से मदद लेने वाली महिलाएं पहुंच जाती है। पीड़ित महिलाओं की कानून के तहत किस प्रकार से मदद हो सकता है यह महिला पुलिस अधिकारी सुनिश्चित कर रही है।

जम्मू पुलिस के साइबर सैल की इंचार्ज डीएसपी अधिकारी प्रियंका कुमारी का कहना है कि उनका खुद का जीवन संघर्ष में बीता है। प्रियंका का कहना है कि जब वह पढ़ाई कर रही थी तो उसके सिर से पिता का हाथ उठ गया था। चूंकि वह परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी इस लिए परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधे में आ गई थी। प्रियंका ने अपनी हिम्मत को टूटने नहीं दिया और अपने पिता का सपना पूरा किया। प्रियंका के पिता का सपना था कि उनकी बेटी पुलिस अधिकारी बने। प्रियंका को यह मलाल है कि बेटी को पुलिस अधिकारी की वर्दी में देखने से पूर्व ही उनके पिता चल बसे। प्रियंका ने वर्ष 2013-14 में जम्मू कश्मीर पुलिस सेवा (जेकेएएस) की परीक्षा दी थी। इसमें सफल होने के बाद उन्हें साल 2016 में बतौर अधिकारी नियुक्त किया गया था।

खुद के संघर्ष से मिला दूसरों की मदद करने का जज्बा : 

डीएसपी प्रियंका कुमारी के पिता की मौत के बाद उनके परिवार को देखने वाला कोई नहीं था। पिता की मौत के बाद प्रियंका के परिवार को साजिशों का भी शिकार होना पड़ा था। पिता की गैर मौजदूगी का लाभ उठा कर कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति को हथियाने की कोशिश की थी। ऐसे में प्रियंका ने अकेले ही संघर्ष कर अपनी पुश्तैनी संपत्ति को बचाया था। प्रियंका का कहना है कि अब हर जरूरतमंद महिला में उन्हें अपनी छवि दिखाई देती है। यही कारण है कि वह हर जरूरतमंद महिलाओं की मदद के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। प्रियंका का कहना है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं आसानी का शिकार हो जाती है। चूंकि महिलाएं घर की चारदीवारी में रहती है इस लिए वह जागरूक नहीं होती। ठगों के निशाने पर ऐसी ही महिलाएं ही रहती है।

 

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