Jammu: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में किया प्रदर्शन, उद्योगपतियों-पूंजीपतियों की जेबें भरने में लगी सरकार

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग करते हुए इन युवाओं ने कहा कि केंद्र सरकार दावे तो बहुत करती है लेकिन देश की जनता को राहत प्रदान करने के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाती।

Rahul SharmaMon, 02 Aug 2021 01:39 PM (IST)
जनता को राहत प्रदान करने के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर लाया जाए।

जम्मू, जागरण संवाददाता: पेट्रोल डीजल के लगातार बढ़ते दामों पर रोष प्रकट करते हुए डोगरा यूथ के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भगवती नगर में सरकार विरोधी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मौके पर स्कूटर की धूप-बत्ती कर पूजा की और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तेल कंपनियों पर लगाम लगाने की मांग की। डोगरा यूथ के इन कार्यकर्ताओं ने भगवती नगर स्थित शनि मंदिर के पास यह प्रदर्शन किया।

पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंचने पर नाराजगी प्रकट करते हुए इन युवाओं ने कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से छात्र वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को परिवार से जेब खर्च मिलता है लेकिन यह सारा जेब खर्च अब स्कूटर-मोटरसाइकिल में पेट्रोल डालने में ही खर्च हो जाता है।

तेल कंपनियों पर लगाम कसने की मांग करते हुए इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर पहुंच रहे हैं। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग करते हुए इन युवाओं ने कहा कि केंद्र सरकार दावे तो बहुत करती है लेकिन देश की जनता को राहत प्रदान करने के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाती।

उन्होंने कहा कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा तो तेल कंपनियां भी मनमर्जी नहीं कर पाएगी और केंद्र व राज्य सरकारों का टैक्स भी सीमित होगा। इससे जनता को राहत मिलेगी लेकिन केंद्र सरकार देश की आम जनता के बारे में न सोचकर केवल चंद उद्योगपतियों-पूंजीपतियों की जेबें भरने में लगी है। 

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