4G Services in J&K: फिर टला 4जी पर फैसला, सुरक्षा हालात का हवाला देकर 6 फरवरी तक रोक जारी रखने का फरमान

एक बार फिर जम्मू कश्मीर के 18 जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा पर पाबंदी को बढ़ा दिया गया है।

फिर जम्मू कश्मीर प्रदेश के दोनों राजधानी शहरों समेत 18 जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा पर पाबंदी को बढ़ा दिया गया है। इंटरनेट सेवा पर रोक का फैसला जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा बढ़ाने व अफरा-तफरी फैलाने की पाकिस्तान में रची जा रही साजिशों का संज्ञान लेते हुए लिया है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 05:00 AM (IST) Author: Vikas Abrol

जम्मू, राज्य ब्यूरो: जैसी अपेक्षा थी वही हुआ। एक बार फिर जम्मू कश्मीर प्रदेश के दोनों राजधानी शहरों समेेत 18 जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा पर पाबंदी को बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने समीक्षा के नाम पर छह फरवरी तक 4जी इंटरनेट सेवा पर रोक जारी रहने का आदेश पारित कर दिया। यहां बता दें कि ऊधमपुर और गांदरबल जिलों में 4जी इंटरनेेट सेवाएं पहले से ही बहाल हैं। इंटरनेट सेवा पर रोक का फैसला जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा बढ़ाने व अफरा-तफरी फैलाने की पाकिस्तान में रची जा रही साजिशों का संज्ञान लेते हुए लिया है।

उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू किए जाने की स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रकार की टेलीफोन व इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था। टेलीफोन सेवाओं को अगस्त 2019 के दूसरे पखवाड़े में ही चरणबद्ध तरीके से बहाल करना शुरू कर दिया गया था। मोबाइल इंटरनेट सेवा को वर्ष 2020 की शुरुआत में ही बहाल किया गया और वह भी चरणबद्ध तरीके से।

अलबत्ता, 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद रखा गया और सिर्फ 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा के साथ साथ ब्राडबैंड सेवा को ही अनुमति दी गई। इसके बाद 17 अगस्त 2020 को सिर्फ उधमपुऱ व गांदरबल में ही 4जी समेत सभी प्रकार की इंटरनेट सेवाओं को बहाल किया गया।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में गत बुधवार को हुए एकीकृत मुख्यालय की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। इसके बाद जम्मू कश्मीर प्रदेश गृह विभाग और पुलिस व अन्य संबधित सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में खुफिया तंत्र व सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टाेें का संज्ञान लिया गया। इनके मुताबिकि, आतंकी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटरनेट मीडिया के जरिए जम्मू कश्मीर में लोगों को भड़काने की साजिश को अमल में ला रही है।

इसके अलावा आतंकियों को आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए भी तेज गति की इंटरनेट सेवा चाहिए। सरहद पार से घुसपैठ करने वालेे आतंकी भी अपने हैडलरों व गाइडों के साथ तेज गति की इंटरनेट सेवा के जरिए संवाद-संपर्क करते हैं। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के मौके पर भीआतंकी किसीबड़ी वारदात को  अंजाम देना चाहते हैं। इसके बाद 4जी सेवाओं पर प्रतिबंध एक पखवाड़े के लिए बढ़ा दिया गया।

फैसले की जानकारी देते हुए गृह विभाग के सचिवायुक्त शालीन काबरा ने कहा कि सिर्फ उधमपुर व गांदरबल में ही 4जी समेत सभी प्रकार की इंटरनेट सेवा बहाल रहेगी। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों में 4जी सेवा पर छह फरवरी को दोबारा विचार-विमर्श होगा। अगर इससे पूर्व सरकार इस पाबंदी को हटाना चाहेगी तो उसके अनुसार ही आदेश जारी किया जाएगा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.