Kashmir: प्रशासन ने नहीं होने दी डॉ फारूक के घर बैठक, गुप्कार रोड किया सील, कई नेता नजरबंद

Kashmir: प्रशासन ने नहीं होने दी डॉ फारूक के घर बैठक, गुप्कार रोड किया सील, कई नेता नजरबंद

डाॅ फारुक अब्दुल्ला ने प्रशासनिक पाबंदियों को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि आज पूरा कश्मीर कैद है।

Rahul SharmaWed, 05 Aug 2020 12:55 PM (IST)

श्रीनगर, जेएनएन। अनुच्छेद 370 की बहाली की युक्ति निकालने के लिए डाॅ. फारुक अब्दुल्ला के निवास पर बुधवार काे होने वाली सर्वदलीय बैठक नहीं हो पायी। नेकांध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. अब्दुल्ला के गुप्कार रोड पर स्थित घर की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्ते प्रशासन ने बंद कर दिए हैं। यही नहीं बैठक में बुलाए गए नेताओं को भी उनके घरों से बाहर नहीं आने दिया जा रहा है। घरों के बाहर पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है। डाॅ फारुक अब्दुल्ला ने प्रशासनिक पाबंदियों को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि आज पूरा कश्मीर कैद है। 

डॉ. फारूक अब्दुल्ला के घर की ओर जाने वाले मार्ग पर कंटीली तारें बिछा दी गई है। कांग्रेस, सीपीआई (एम), पीडीपी, जेकेपीएम, पीडीएफ समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को आज होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए डॉ अब्दुल्ला ने गुप्कार रोड पर स्थित अपने घर बुलाया था। सूत्रों का कहना है कि यह विभिन्न राजनीतिक दलों की बुलाई गई इस बैठक में अनुच्छेद 370 की पुन: बहाली पर चर्चा की जानी थी। कई नेताओं ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सुबह से ही पुलिस को उनके घरों के बाहर तैनात कर दिया गया था। उन्हें घर में नजरबंद रखा गया है और घरों से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीटर हैंडल पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि "एक साल बाद, आज यह गुप्कर रोड है - हमारे घर के सामने पुलिस वाहन लगे हैं, सड़क पर कंटीली तार बिछाई गई है, किसी वाहन को गुजरने की अनुमति नहीं है। मेरे पिता ने मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी।”

एक अन्य ट्वीट में, उमर ने लिखा “यह स्पष्ट है कि बैठक करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, भाजपा ने 5 अगस्त को जश्न के तौर पर मनाने की बात करते हुए 15 दिन के उत्सव की घोषणा की है परंतु मुट्ठी भर लोगों को मेरे पिता के लॉन में मिलने की अनुमति नहीं मिली। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं इस बात पर हैरानगी जाहिर करते हैं कि यहां कोई राजनीतिक गतिविधि क्यों नहीं है। ”

एक अन्य ट्वीट में जम्मू-कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा, “एक साल बाद भी अधिकारी हमें किसी भी सामान्य राजनीतिक गतिविधि को करने के लिए अनुमति देने से डरते हैं। प्रशासन का यह डर ही कश्मीर के मौजूदा हालात को बंया करता है ”

वहीं सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मुहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि क्या यह सामान्य स्थिति है जिसके बारे में सरकार बात कर रही है? जब नेताओं को बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो आप सामान्य स्थिति का दावा कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह आज डॉ फारूक अब्दुल्ला द्वारा उनके घर पर बुलाई गई बैठक में शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई।

वहीं डॉ. फारूक ने कहा कि वह अपने घर पर नेताओं का इंतजार कर रहे थे, उन्हें पता चला कि बैठक में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष व सांसद डॉ अब्दुल्ला ने कहा, "केंद्र सरकार का दावा है कि कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन एक भी नेता को मेरे आवास तक पहुंचने की अनुमति नहीं है।" वहीं पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में धारा 144 लागू की गई है। आम आदमी हो या फिर कोई राजनीतिक किसी को भी कानून का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.