Coronavirus Alert: जम्मू-कश्मीर में मिले यूके वेरिंएट के मामले, 23 मामलों में यूके वेरिएंट मिला

कुल सैंपलों में से पचास सैंपल ऐसे थे जिनमें संक्रमण तेजी के साथ फैलने की आशंका रहती है।

यह म्यूटेशन अमेरिका और अन्य देशों में भी फैला। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में यूके वेरिएंट पंजाब दिल्ली और हरियाणा जैसे प्रदेशों में भी मिला। दस अन्य सैंपलों में भी यूके वेरिएंट की तरह का ही म्यूटेशन मिला। इसमें भी संक्रमण तेजी के साथ फैलने की क्षमता है।

Rahul SharmaThu, 13 May 2021 07:52 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू-कश्मीर में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण चिंता का विषय बना हुआ है। इसमें यूके वेरिएंट के मामले सबसे अधिक मिल रहे हैं। अभी तक 23 मामलों में यूके वेरिएंट मिला है।

अप्रैल महीने के अंत तक जांच के लिए जम्मू-कश्मीर से भेजे गए 71 मामलों में से यूके वेरिएंट और इंडियन डबल म्यूटेशन के मामले मिले। इन सैंपलों में से म्यूटेशन बी 1.1.7 (यूके वेरिएंट) 23 सैंपलों में मिला। इस म्यूटेशन से संक्रमण तेजी के साथ फैलने की आंशका रहती है। इससे समुदाय में संक्रमण फैल जाता है।

यह म्यूटेशन अमेरिका और अन्य देशों में भी फैला। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में यूके वेरिएंट पंजाब, दिल्ली और हरियाणा जैसे प्रदेशों में भी मिला। दस अन्य सैंपलों में भी यूके वेरिएंट की तरह का ही म्यूटेशन मिला। इसमें भी संक्रमण तेजी के साथ फैलने की क्षमता है। यही नहीं सात सैंपलों में बी 1.617 (इंडियन डबल म्यूटेशन) मिला। यह पहला वेरिएंट हैं जिसमें दो म्यूटेशन हैं। इससे भी संक्रमण तेजी के साथ फैलता है।

डाटा के अनुसार कुल सैंपलों में से पचास सैंपल ऐसे थे जिनमें संक्रमण तेजी के साथ फैलने की आशंका रहती है। जबकि बीस सैंपल ऐसे थे जो कि पहले से कोविड 19 से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हो और उन्होंने वैक्सीन की एक डोज भी ले ली हो, उन्हें भी संक्रमित कर सकते थे।

सख्ती के साथ करें एसओपी का पालन: राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डा. राकेश बहल ने कोविड 19 के प्रति लोगों में जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसओपी का सख्ती के साथ पालन करके ही इससे बचा जा सकता है। उन्होने कहा कि हम लोग लापरवाह हो गए थे और इसी कारण ऐसी स्थिति हुई है। अगर हमने मास्क से नाक नहीं ढका है तो उसको पहनने का क्या लाभ।

बहुत से लोग हें जो कि मास्क को सही तरीके से नहीं पहनते हें कुछ लोगों का मानना है कि 80 से 65 फीसद लोगों को कभी संक्रमण नहीं होगा। संक्रमितों में से केवल एक फीसद की ही मौत होगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत के दस फीसद लोग भी एक साथ संक्रमित हो जाते हें तो स्वास्थ्य ढांवा सहन नहीं कर पाएगा। उन्होंने लोगों से एसओपी का सख्ती के साथ पालन कर कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए कहा। उन्होंने लोगों से दो मास्क पहनने को कहा। एक घर में बना हुआ तो दूसरा सर्जिकल।

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