Coronavirus In Jammu Kashmir: गृह सचिव भल्ला ने कहा- जम्मू-कश्मीर अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रोल माडल है

जम्मू-कश्मीर 45 साल से अधिक आयु वर्ग में टीकाकरण करने वालों में सबसे आगे है। इस आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर 42 फीसद लोगों का ही टीकाकरण हुआ है जबिक जम्मू-क्श्मीर में 75 फीसद से अधिक का टीकाकरण हो चुका है।

Rahul SharmaTue, 22 Jun 2021 07:55 AM (IST)
मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध करवाने के लिए पंचायत स्तर पर कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो: केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने टेस्टिंग, मरीजों की पहचान और उनका इलाज करने पर भी जोर दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता और अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल ढुल्लू ने इस बैठक में भाग लिया।

गृह सचिव ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में पिछले कुछ सप्ताह से काफी कमी देखने को मिल रही है। संक्रमण दर 7.6 फीसद और मृत्यु दर 1.3 फीसद रह गई है।

जम्मू-कश्मीर के प्रयासों की सराहना करते हुए नीति आयोग के सदस्य डा. वीके पाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रोल माडल है। इसमें टेस्टिंग के अलावा टीकाकरण अभियान भी तेजी के साथ हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण के मामलों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर मुख्य सचिव ने बताया कि मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध करवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती स्तर पर कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। यह सेंटर कोविड जांच करते हैं। मरीजों को हर प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाता है।

जम्मू-कश्मीर 45 साल से अधिक आयु वर्ग में टीकाकरण करने वालों में सबसे आगे है। इस आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर 42 फीसद लोगों का ही टीकाकरण हुआ है जबिक जम्मू-क्श्मीर में 75 फीसद से अधिक का टीकाकरण हो चुका है। जम्मू, सांबा, गांदरबल और शोपियां में सौ फीसद टीकाकरण हो चुका है। जम्मू-कश्मीर में 85 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों, 84 फीसद फ्रंटलाइन वर्कर्स और दस फीसद 18-44 वर्ष के आयु वर्ग में टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने तीस जून तक 45 साल से अधिक आयु वर्ग में सौ फीसद टीकाकरण का आश्वासन दिया।

यही नहीं 15 जुलाई तक 18-44 वर्ष आयु वर्ग तक तीस फीसद लोगों का टीकाकरण हो जाएगा। हर दिन 1.6 लाख लोगों के टीकाकरण की क्षमता है। सरकार के प्रयासों से अब हर दिन साढ़े पांच हजार से मामले कम होकर पांच सौ रह गए हैं। यही नहीं स्रकमण दर भी 13 फीसद से तीन फीसद रह गई है।

गृह सचिव ने भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार रहने को कहा। उन्होंने टेस्टिंग बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने और एसओपी का सख्ती के साथ पालन करने को कहा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.