Jammu Kashmir: पहले से सुस्त चल रहे विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट अभियान को कोरोना से और धक्का लगा

जम्मू का इंजीनियरिंग कालेज भी प्लेसमेंट के मामले में पीछे ही है।

जम्मू विवि में अगर एमबीए या एमसीए कोर्स को छोड़ दिया जाए तो अन्य चालीस से अधिक कोर्सों के लिए कोई प्लेसमेंट का अभियान नहीं चलाया जाता। इन कोर्सों में आर्ट्स के कोर्स ही नहीं बल्कि जियोलॉजी साईकालोजी सोशोलियाॅजी केमिस्ट्री जियाेग्राफी एजूकेशन जैसे कोर्स भी शामिल है।

Rahul SharmaTue, 18 May 2021 11:16 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कालेजों में पहले से सुस्त चल रहे प्लेसमेंट अभियान को कोरोना से और धक्का लगा है। हालांकि कुछ विश्वविद्यालयों ने आनलाइन प्लेंसमेंट अभियान चलाया है, मगर जम्मू विश्वविद्यालय, कश्मीर विश्वविद्यालय इस में पीछे ही रहे हैं।

एमसीए, एमबीए व अन्य प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थियों की प्लेसमेंट करवाने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से सफल नहीं हुए है। विद्यार्थियों को स्वयं ही नौकरियां ढूंढनी पड़ती हैं। एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस समय विश्वविद्यालय बंद है। पिछले साल कोरोना से परीक्षाएं समय पर नहीं हुई। परिणाम समय पर नहीं निकले और अकादमिक सत्र में देरी हो गई।

प्लेसमेंट के लिए अभियान नहीं चल पाया। जम्मू कश्मीर में कुल ग्यारह विश्वविद्यालय है जिसमें श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय ने कोरोना की चुनौतियों के बीच आन लाइन तरीके से प्लेसमेंट अभियान चलाकर कुछ विद्यार्थियों का चयन करवाया है मगर अधिकतर विश्वविद्यालय इसमें पीछे ही रह गए है। जम्मू विश्वविद्यालय एमबीए के लिए कुछ हद तक प्लेसमेंट अभियान चलाता है। एमसीए समेत अन्य कोर्सों के लिए अभियान नहीं चलाया जाता। जम्मू का इंजीनियरिंग कालेज भी प्लेसमेंट के मामले में पीछे ही है।

असल में बात यह है कि प्लेसमेंट विंग जिस तरह से सक्रिय होने चाहएि, वो नहीं है। अच्छे अंक हासिल करने के बाद भी विद्यार्थियों को नौकरियों के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। जम्मू विवि में अगर एमबीए या एमसीए कोर्स को छोड़ दिया जाए तो अन्य चालीस से अधिक कोर्सों के लिए कोई प्लेसमेंट का अभियान नहीं चलाया जाता। इन कोर्सों में आर्ट्स के कोर्स ही नहीं बल्कि जियोलॉजी, साईकालोजी, सोशोलियाॅजी, केमिस्ट्री, जियाेग्राफी, एजूकेशन जैसे कोर्स भी शामिल है। इन कोर्सों में प्लेसमेंट के लिए अभियान नहीं चलते है।

इंजीनियरिंग का सिस्टम भी कोरोना के कारण काफी चौपट हुआ है। आन लाइन परीक्षाएं काफी देरी से हो पाई है। अब परिणाम घोषित नहीं हो रहे है। कई विद्यार्थियों की डिग्री एक दो पेपरों के कारण रुकी हुई है। कुल मिलाकर अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि पहले से सुस्त पड़े प्लेसमेंट अभियान को कोरोना के कारण नुकसान पहुंचा है। पिछले दिनों जम्मू विवि के प्लेसमेंट सैल ने विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए वेबिनार आयोजित किए थे। 

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