Coronavirus in Jammu: डोगरा सहायता केंद्र ने 100 बिस्तर क्षमता वाला भवन देने की पेशकश की

ऑक्सीजन सुविधा के साथ आइसोलेशन केंद्र बनाए जाने चाहिए।

अस्पतालों में ऑक्सीजन पैदा करने वाले संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए सहायता केंद्र की समन्वय समिति के संयोजक अजय खजूरिया ने सुझाव दिया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग और विशिष्ट विशेषज्ञों द्वारा कार्य की निगरानी की जानी चाहिए।

Rahul SharmaFri, 14 May 2021 08:57 AM (IST)

जम्मू, जागरण संवाददाता: कोरोना महामारी से निपटने में जुटे डोगरा सहायता केंद्र के सदस्यों ने डिविजनल कमिश्नर जम्मू से ऑनलाइन बैठक कर महामारी से लड़ने के उपायों पर चर्चा की और प्रशासन को अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की। डोगरा सहायता केंद्र ने

हल्के लक्षणों वाले रोगियों के लिए ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान करने के लिए बाड़ी ब्राह्मणा में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला एक भवन प्रदान करने की पेशकश की। इस बात पर जाेर दिया गया कि अधिक से अधिक आइसोलेशन केंद्र बनाए जाएं ताकि किसी भी रोगी को परेशान न होना पडे़।

डोगरा सहायता केंद्र समिति के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि सहायता केंद्र संभागीय प्रशासन का पूरा सहयोग करने को तैयार है। महामारी से लड़ने के लिए प्रशासन को जिस सहयोग की जरूरत हो उनका केंद्र करने को तैयार है। इस समय सहायता केंद्र डाक्टरों की सलाह मरीजों तक पहुंचा रहे हैं। अस्वस्थ होने के मामूली संकेत मिलते ही उन्हें डाक्टर के सुझाव पर जरूरी सुविधा पहुंचाई जाती है।

चाढ़क ने कहा कि जम्मू में उच्च मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण यही रहा है कि लोग अस्पतालों में हालत खराब होने के बाद पहुंचते रहे या शुरू में बीमारी के लक्षणों को हल्के में लेते रहे। उन्होंने साफ किया कि हेल्पलाइन नंबरों का लोगों को पूरा लाभ मिलना चाहिए। प्रशासन को आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों के कामकाज पर निगरानी रखनी होगी। लोगों को समय पर और संतोषजनक प्रतिक्रिया मिल सके। बिना किसी हिचकिचाहट के स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

हेल्पलाइन से अगर पूर्ण जानकारी मिल सके तो लोग समय पर सही दिशा में उपचार करवा सकेंगे। खासकर दूरदराज क्षेत्र के लोगों को उचित जानकारी मिल जाए तो उनकी परेशानी का समाधान संभव है। अस्पतालों में ऑक्सीजन पैदा करने वाले संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए सहायता केंद्र की समन्वय समिति के संयोजक अजय खजूरिया ने सुझाव दिया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग और विशिष्ट विशेषज्ञों द्वारा कार्य की निगरानी की जानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि बैकअप बिजली की व्यवस्था के लिए प्रावधान की समीक्षा की आवश्यकता है। जैसे पर्याप्त क्षमता के डीजल जेनरेटिंग सेट की स्थापना, नए ऑक्सीजन उत्पन्न करने वाले संयंत्रों द्वारा ऑक्सीजन का संयुक्त रूप से उत्पादन बाधित करना सुनिश्चित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों को मिलने वाली जरूरी सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। खासकर बिजली सेवा का खास ध्यान रखने की जरूरत है।

डोगरा सहायता केंद्र की युवा इकाई के प्रभारी गंभीर देव ने कहा कि सरकार को अधिक से अधिक आइसोलेशन केंद्र खोल कर कोरोना संक्रमितों को अलगाव में रखना चाहिए। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि चोपड़ा नर्सिंग होम, जीएमसी, रेड क्रॉस सराय, महेशपुरा चौक, केएचएन अस्पताल, नगरोटा, वैष्णवी धाम, रेलहेड कॉम्प्लेक्स में सरस्वती धाम, भगवती नगर में यात्री निवास आदि में ऑक्सीजन सुविधा के साथ आइसोलेशन केंद्र बनाए जाने चाहिए।

मेजर जनरल सेवानिवृत्त डा. सुनीता कपूर द्वारा बैठक के दौरान यह भी सुझाव दिया गया था कि नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए, नर्सिंग कॉलेजों के अंतिम वर्ष के छात्रों की सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। संभागीय आयुक्त जम्मू ने डोगरा सहायता केंद्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया और प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि सरकार द्वारा स्थिति से निपटने के लिए अपेक्षित उपाय किए जा रहे हैं। यह खुलासा किया कि उपराज्यपाल द्वारा घोषित उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

 

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