Corona Vaccination: सरहद के रखवालों को मिली कोरोना की डोज, बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय में चला टीकाकरण अभियान

बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में सोमवार को टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया

बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में सोमवार को टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा बीएसएफ के डाक्टरों ने भी जवानों को कोरोना का टीका लगाया।जिसका उद्धाटन बीएसएफ के आईजी एनएस जम्वाल ने किया।

Publish Date:Mon, 25 Jan 2021 02:04 PM (IST) Author: Vikas Abrol

जम्मू, जागरण संवाददाता । कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए खड़े रहने वाले सरहद के रखवालों को कोरोना की पहली डाेज मिली। बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय पलौड़ा में सोमवार को टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा बीएसएफ के डाक्टरों ने भी जवानों को कोरोना का टीका लगाया।

कोरोना महामारी के दौरान बीएसएफ के काफी जवान भी कोरोना की चपेट में आए थे लेकिन बावजूद इसके यह जवान सीमा पर डटे रहे। बीएसएफ की ओर से अपने जवानों को कोरोना से बचाने के लिए सीमांत इलाकों में भी क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं जहां छुट्टी से वापस आने वाले जवानों को कुछ दिन क्वारंटाइन में बिताने के बाद ही ड्यूटी पर भेजा जाता है। वहीं बीएसएफ पलौड़ा के बीएसएफ अस्पताल में सोमवार को कोरोना के टीकाकरण का विशेष अभियान शुरू किया गया जिसका उद्धाटन बीएसएफ के आईजी एनएस जम्वाल ने किया। इस मौके पर वहां पर बीएसएफ के अन्य आला अधिकारी भी मौजूद थे।

वहीं आइजी बीएसएफ ने अपने संबोधन में कहा कि यह भी कोरोना के खिलाफ अंतिम प्रहार है। टीकाकरण से कोरोना का खात्मा होगा आर लोग इस वायरस की दहशत से बाहर आएंगे। उन्होंने बीएसएफ जवानों को फ्रंट लाइन वारियर बताते हुए कहा कि इस लड़ाई में हमारे डाक्टरों व मेडिकल स्टाफ की भूमिका फ्रंट लाइन वारियर्स की रही है। उन्होंने दिन रात एक कर न सिर्फ कोरोना के मरीजों का उपचार किया बल्कि खुद भी इस वायरस की चपेट में आने की परवाह न करते हुए इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखी। इसके लिए डाक्टर व मेडिकल स्टाफ बधाई का पात्र भी बनता है।

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