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बेहतर माहौल बनाने के लिए हो समन्वय कमेटियों का गठन : सीटीएफ

जागरण संवाददाता, जम्मू : पांच अगस्त के बाद कारोबार के लिहाज से बने नाजुक हालात को साजगार बनाने के लिए चैंबर आफ ट्रेडर्स फेडरेशन ने कश्मीर व जम्मू के प्रतिनिधियों की समन्वय कमेटियां बनाने का प्रस्ताव रखा है। फेडरेशन ने कहा है कि जब तक इस दिशा में कदम नहीं उठाए जाएंगे, जम्मू-कश्मीर में ट्रेड, ट्रांसपोर्ट व इंडस्ट्री पटरी पर नहीं लौट सकती। फेडरेशन ने इस दिशा में प्रशासन का हर सहयोग करने का प्रस्ताव भी रखा है।

फेडरेशन के प्रधान नीरज आनंद ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर व जम्मू संभाग की आर्थिक स्थिति व सामाजिक खुशहाली हमेशा से एक-दूसरे पर निर्भर रही है। सैकड़ों सालों से दोनों क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे के पूरक रहे और कभी आपस में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं रही लेकिन पड़ोसी देश के उकसावे में कुछ गंदी राजनीति शुरू हुई जिससे कश्मीर घाटी में आतंकवाद व अलगाववाद पनपा। आनंद ने कहा कि फेडरेशन का मानना है कि कश्मीर व जम्मू एक ही सिक्के के दो पहलू है और अगर सरकार वास्तव में जम्मू-कश्मीर के हालात खुशहाल बनाना चाहती है तो दोनों हिस्सों के लोगों को एक साथ लाना होगा। आनंद ने कहा कि इसके लिए उपराज्यपाल जीसी मुर्मू को समन्वय कमेटियां बनाकर उसमें ट्रेड, ट्रांसपोर्ट व इंडस्ट्री के लोगों को शामिल करना चाहिए क्योंकि यहीं एक ऐसा वर्ग है जिस पर समाज का हर वर्ग विश्वास रखता है। ये कमेटियां कारोबार व उद्योग को फिर से पटरी पर लाने के साथ जम्मू-कश्मीर की खुशहाली की राह दिखा सकती है। आनंद ने व्यापारियों को एनपीए से बचाने के लिए सभी प्रकार के ब्याज माफ करके उनके ऋण को पुनर्निर्धारित करने तथा बिजली-पानी जैसे शुल्क माफ करने की मांग भी रखी। विभागों के पास फंसे पैसे का भुगतान हो

नीरज आनंद ने इसके अलावा सरकारी विभागों के पास फंसे व्यापारियों व उद्योगपतियों के पैसों का तत्काल भुगतान करने, मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने, लखनपुर में वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स को समाप्त करने तथा ट्रेड व सर्विस सेक्टर को भी आर्थिक पैकेज के दायरे में लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 व 35 ए समाप्त होने के बाद हर क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बनी है। आज तक पिछली सरकारों ने जो भी पैकेज घोषित किए, वो केवल उद्योग तक ही सीमित रहे लेकिन अब आयकर या जीएसटी छूट के रूप में जो भी आर्थिक पैकेज दिया जाए, उसका लाभ ट्रेड व सर्विस सेक्टर को भी मिलना चाहिए क्योंकि ये क्षेत्र भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है। आनंद ने उपराज्यपाल जीसी मुर्मू से उक्त मुद्दों पर गौर करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर में बेहतर हालात बनाने के लिए वह सकारात्मक पहल करेंगे।

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