Jammu Kashmir: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की वन रक्षकों की सराहना, कहा-सुरक्षाकर्मियों से कम नहीं वन रक्षकों का योगदान

वन अधिकार कानून के मामले पर कहा कि वनों पर निर्भर समुदायों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर में हरे सोने का कवच और बढ़ाने के लिए इको पार्क बनाने और शहर में हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया। सिन्हा ने कहा कि कर्मचारियों के प्रयास से जम्मू कश्मीर में वन क्षेत्र बढ़ा है।

Thu, 04 Mar 2021 07:00 AM (IST)

जम्मू, जागरण संवाददाता: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जंगलों की बचाने वाले वन रक्षक, सुरक्षा कर्मियों और पुलिस कर्मियों से किसी मामले में कम नहीं हैं। वन विभाग में अग्रिम पंक्ति के ये कर्मचारी वन और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके काम की जितनी सराहना की जाए कम है। उपराज्यपाल बुधवार को वन रक्षक के 32वें, 56वें व 66वें कोर्स के पा¨सग आउट समारोह का निरीक्षण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जंगलों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।

सिन्हा ने कहा कि वन विभाग साल 11 सितंबर को पड़ने वाले राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर कार्यक्रम करवाए। इसमें अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के प्रयासों को सराहा जाए और शहीदों को भी याद किया जाए। उपराज्यपाल ने कहा कि वे वन विभाग के कर्मचारियों को सेल्यूट करते हैं, जो दिन-रात वन के संरक्षण में जुटे हुए हैं और बहादुरी से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वन रक्षक का सफलतम कोर्स पूरा करने वाले 98 कर्मियों को उन्होंने बधाई दी और कहा कि उनको पूरी उम्मीद है कि यह कर्मी पूरी मेहनत व लगन से अपनी जिम्मेदारियों को निभाएंगे।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर में हरे सोने का कवच और बढ़ाने के लिए इको पार्क बनाने और शहर में हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया। सिन्हा ने कहा कि कर्मचारियों के प्रयास से जम्मू कश्मीर में वन क्षेत्र बढ़ा है। ग्रीन जम्मू कश्मीर अभियान का लक्ष्य एक करोड़ पौधे लगाना है। इससे पर्यावरण और सुधरेगा। उन्होंने वन से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। इससे पूर्व फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के कर्मचारियों ने गार्ड आफ आनर दिया और उप राज्यपाल ने वन विभाग की टुकड़ियों का निरीक्षण भी किया।

वहीं उन्होंने कंवेंशन सेंटर परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम, वन विभाग की आयुक्त सचिव सरिता चौहान, वन विभाग के पीसीसीएफ डा. मोहित गेरा, पीसीसीएफ सर्वेश्वर राय व कई प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे। वनों पर निर्भर समुदायों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध उपराज्यपाल ने मानसर-सु¨रसर झील के आसपास पर्यावरण संरक्षित करने, प्रदेश के वेटलैंड व दूसरे जलाशय सुरक्षित करने पर भी जोर दिया। हंगुल जीव को संरक्षित करने की योजना बनाने व डाचीगाम पार्क को लोगों के लिए और सुलभ बनाने के लिए कहा। उपराज्यपाल ने वन अधिकार कानून को लागू कराने के मामले पर कहा कि वनों पर निर्भर समुदायों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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