Jammu Kashmir: वर्ष 2014 की विनाशकारी बाढ़ से नष्ट बुनियादी ढांचे की पुनर्बहाली के लिए निर्धारित राशि पर रोक

जम्मू-कश्मीर दौरा कर श्रीनगर व जम्मू में प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत जारी कार्याें का मौके पर जायजा लिया था।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत जम्मू-कश्मीर को बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मुरम्मत के लिए आबंटित राशि का एक बड़ा हिस्सा रोके जाने का नोटिस लेते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गृहमंत्री और वित्त मंत्री के साथ 12 दिसंबर 2020 को भी चर्चा की थी।

Rahul SharmaFri, 23 Apr 2021 11:24 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो। वर्ष 2014 की विनाशकारी बाढ़ से नष्ट हुई बुनियादी ढांचागत सुविधाओं की पुनर्बहाली के लिए प्रधानमत्री विकास पैकेज के तहत घोषित नीधि पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने फिलहाल तथाकथित तौर पर रोक लगा दी है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश प्रशासन ने इस पर एतराज जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री के संज्ञान में यह मामला लाया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 2014 की बाढ़ से प्रभावित व नष्ट हुए बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन को दी जाने वाली 800 करोड़ की राशि जारी नहीं की है। यह राशि पेयजल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा और सड़कों के निर्माण और मुरम्मत पर खर्च की जानी है।

प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत जम्मू कश्मीर में कार्यान्वित किए जा रहे कार्याें की स्टेटस रिपार्ट के मुताबिक पैकेज के तहत संबधित परियोजना के लिए दो हजार करोड़ की राशि आबंटित की गई है। इसमें से केंद्र सरकार ने सिर्फ 1178.34 करोड़ रूपये ही जम्मू कश्मीर प्रदान किए हैं।

शेष 811.64 करोड़ रुपये की राशि को अभी तक जारी नहीं किया गया है। नीति आयोग ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को बार बार आग्रह किया हैकि वह यह राशि जारी करे। इसके बावजूद यह पैसा जारी नहीं किया जा रहा है। हालांकि जम्मू कश्मीर प्रदेश प्रशासन ने नीति आयोग को 2019 में 560 करोड़ रूपये को इस्तेमाल किए जाने के संदर्भ में एक उपयोगिता प्रमाणपत्र भी सौंपा है।

नीति आयोग ही वर्ष2014में जम्मू कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़से हुए नुक्सान की भरपाई और नष्ट अथवा क्षतिग्रसत बुनियादी ढांचे की मुरम्मत, जीर्णाेद्धार और पुनर्बहाली के लिए प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत जारी कार्याें की निगरानी कर रहा है। नीति आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही केंद्रीय वित्तमंत्राल उपरोक्त परियोजना के तहत कार्याें को पूरा करने के लिए धनराशि जारी करता है। वर्ष 2017 में नीति अायोग के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू कश्मीर दौरा कर श्रीनगर व जम्मू में प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत जारी कार्याें का मौके पर जायजा लिया था।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत जम्मू कश्मीर को बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मुरम्मत के लिए आबंटित राशि का एक बड़ा हिस्सा रोके जाने का नोटिस लेते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गृहमंत्री और वित्त मंत्री के साथ 12 दिसंबर 2020 को भी चर्चा की थी। इसके बावजूद इस सिलसिले में कोई उल्लेखनीय प्रगति न होने पर उन्होंने एक बार फिर यह मामला प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संज्ञान में लाया है। 

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