Jammu Kashmir: आर्थिक पैकेज के तहत पांच फीसद ब्याज छूट की तीसरी किश्त में 250 करोड़ जारी

सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आने वाले दिनों में भी उद्योगपतियों व व्यापारियों को अपना सहयोग जारी रखेगी।

जम्मू-कश्मीर के वो 3.44 लाख उद्योगपति व व्यापारी लाभांवित होंगे जिन्होंने बैंकों से कर्ज ले रखा है। सरकार के 1353 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में बैंक कर्ज पर ब्याज में पांच फीसद छूट सबसे अहम है। सरकार ने इसके लिए 950 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए थे।

Rahul SharmaFri, 07 May 2021 12:51 PM (IST)

जम्मू, जागरण संवाददाता: कोरोना महामारी के कारण पटरी से उतरे उद्योग व कारोबार को फिर से पटरी पर लाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से सितंबर 2020 में घोषित आर्थिक पैकेज के तहत पांच फीसद ब्याज छूट की तीसरी किश्त जारी कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने वीरवार को तीसरी किश्त के रूप में 250 करोड़ रुपये का चेक जम्मू-कश्मीर बैंक के सुपुर्द किया। सरकार की ओर से 19 सितंबर को घोषित 1353 करोड़ रुपये के इस पैकेज के तहत सरकार पहली दो किश्तों के रूप में 500 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है जिसका जेके बैंक के माध्यम से वितरण भी हो चुका है। अब जबकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण उद्योग व कारोबार जगत एक बार फिर से आर्थिक संकट से गुजर रहा है, सरकार की तरफ से उद्योगपतियों व व्यापारियों को समय पर बड़ी राहत प्रदान की गई है।

इस राहत राशि के जारी होने से जम्मू-कश्मीर के वो 3.44 लाख उद्योगपति व व्यापारी लाभांवित होंगे जिन्होंने बैंकों से कर्ज ले रखा है। सरकार के 1353 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में बैंक कर्ज पर ब्याज में पांच फीसद छूट सबसे अहम है और सरकार ने इसके लिए 950 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए थे। इस मुश्किल दौर में उद्योग को सरकार की ओर से विशेष रियायत भी दी गई है।

अब जबकि सरकारी स्तर पर सारी खरीदारी ऑनलाइन होती है, लिहाजा सरकार ने जेम में फिल्टर लगाकर स्थानीय उद्योगपतियों को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा नई उद्योग नीति के तहत सरकार ने 14 क्षेत्रों को अपना प्राथमिक क्षेत्र घोषित किया है जिसके आधार पर जम्मू-कश्मीर बैंक ने 19 हजार युवाओं को स्वयं रोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद मुहैया करवाई है और यह मदद पाने वालों में महिलाओं की भी अच्छी संख्या है।

सरकार के अनुसार इस आर्थिक पैकेज का अर्थ व्यवस्था को बढ़ावा देने में सहयोग भी मिला है और वर्ष 2020-21 में जीएसटी की विकास दर 2.7 फीसद रही जोकि अच्छे संकेत है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि सरकार अर्थ व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आने वाले दिनों में भी उद्योगपतियों व व्यापारियों को अपना सहयोग जारी रखेगी।

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