JK Roshni Land Scam : सीबीआइ ने रोशनी घोटाले की आड़ में कांग्रेस में पूर्व मंत्री रहे ताज मोहिउद्दीन व अन्य खिलाफ दर्ज की एफआइआर

सीबीआइ ने रोशनी कानून घोटाले के आरोप में पूर्व मंत्री रहे ताज मोहिउद्दीन के खिलाफ केस दर्ज किया है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने रोशनी कानून घोटाले की आड़ में अवैध रूप से कब्जाई गई जंगलात की भूमि को नियमित करवाने के आरोप में कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहे ताज मोहिउद्दीन और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिन अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:21 PM (IST) Author: Vikas

जम्मू, जागरण संवाददाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने रोशनी कानून घोटाले की आड़ में अवैध रूप से कब्जाई गई जंगलात की भूमि को नियमित करवाने के आरोप में कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहे ताज मोहिउद्दीन और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिन अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें शौपियां के पूर्व डिप्टी कमिशनर रमजान ठाकुर, तत्कालीन अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर मोहम्मद यूसुफ जरगर, राजस्वविभाग में असिस्टेंट कमिशनर हफीज उल्लाह शाह व तहसीलदार गुलाम हसन राथर शामिल हैं।सीबीआइ ने यह मामला जम्मू कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो की शिकायत पर दर्ज किया है।

दक्षिण कश्मीर शौपिंया के तत्कालीन तहसीलदार ने रोशनी कानून की आड़ में करीब 180 मामलों को आगे बढ़ाया था, जिन्हें सरकारी जमींनों पर कब्जा करने का अधिकार मिल सके। यह मामला 16 जून वर्ष 2007 का है जब तहसीलदार ने कमेटी के अतर्गत 17 मामलों में अपनी मंजूरी दे दी थी। इनमें से एक मामले में 13 कनाल सरकारी जमींन तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे ताज मोहिउद्दीन ने हथिया ली।उन पर यह भी आरोप है कि हथिया गई भूमि वन विभाग की है।वन विभाग की इस जमींन को नियमित करवाने के लिए रोशनी कानून की आड़ ली गई।वन विभाग की जमींन किसी भी व्यक्ति के नाम न हो पाने पर विभाग ने कई अापत्तियां भी दायर कीं, लेकिन सभी को दरकिनार कर मंत्री के नाम भूमि कर दी गई।इतना ही नही वन विभाग के संबधित इलाके के डिवीजनल फारेस्ट आफिसर ने कई बार आपत्तियां पेश की वन विभाग की जमींन किसी के नाम नही हो सकती, लेकिन मामला मंत्री से जुड़ा होने के कारण इसे गंभीरता से नही लिया गया और फाइल को वापिस भेज दिया गया।यहां तक राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी अवैध रूप से जमींन को ताज मोहिउद्दीन के नाम कर दी।इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप हैं।

उल्लेखनीय है कि पहली नंवबर को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में रोशनी कानून घोटाले की आड़ में सरकारी जमींनों की खरीद फरोख्त को रद्द कर दिया है। करीब 2.5 लाख कनाल सरकारी जमींन अभी मंत्रियों, नौकरशाहों और भू माफियाओं के कब्जे में हैं।राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए गए है कि इस जमींन को वापिस लिया जाए। 

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