Jammu Kashmir: नई आबकारी नीति के खिलाफ भाजपा मैदान मे, दिल्ली पहुंचे भाजपा नेताओं ने हाईकमान से उठाया मुद्दा

मंदिरों के शहर जम्मू में रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानें खोलने के खिलाफ विरोध के बीच प्रदेश भाजपा भी इस मुद्दे पर खुलकर मैदान में आ गई है। पार्टी हाईकमान के साथ यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर भाजपा ने नई आबकारी नीति में संशोधन पर जोर दिया।

Vikas AbrolWed, 16 Jun 2021 07:41 PM (IST)
प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना का कहना है कि पार्टी रिहायशी कालोनियों में शराब की दुकानें नही खुलने देगी।

जम्मू, राज्य ब्यूरो । मंदिरों के शहर जम्मू में रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानें खोलने के खिलाफ विरोध के बीच प्रदेश भाजपा भी इस मुद्दे पर खुलकर मैदान में आ गई है। जम्मू-कश्मीर में जून महीने में उपराज्यपाल प्रशासन, पार्टी हाईकमान के साथ यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर भाजपा ने नई आबकारी नीति में संशोधन लाने पर जोर दिया।

पार्टी सूत्रों के अनुसार दिल्ली पहुंचे भाजपा नेताओं ने मंगलवार को अन्य मुद्दों के साथ उपराज्यपाल प्रशासन की आबकारी नीति को लेकर जम्मू में उपजे हालात से भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेपी नड्डा, गृृहमंत्री अमित शाह को अवगत करवाया।पार्टी की पूरी कोशिश है कि केंद्र सरकार राज्यपाल प्रशासन पर आबकारी नीति में बदलाव करने के लिए दवाब डाल कर आधार क्षेत्र में भाजपा की साख बचाए।

प्रदेश भाजपा इस समय जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव को नजर में रखकर जमीनी सतह पर सशक्त होने की राह पर है। पार्टी ने 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि से लेकर 6 जुलाई को उनकी जयंती तक जमीनी सतह पर जनजागरण अभियान आयोजित करने की तैयारी की है। ऐसे मेंपार्टी चाहती है कि प्रदेश में खनन माफिया पर अंकुश लगाकर निमार्ण सामग्री के दाम नियंत्रितकरने के साथ आबकारी नीति में कुछ नए कायदे कानून बनाकर लोगों के गुस्से को शांत किया जाए।इन हालात में प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता आबकारी नीति के खिलाफ बोल रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना का कहना है कि पार्टी रिहायशी कालोनियों में शराब की दुकानें नही खुलने देगी। ये दुकानें खाेलने के लिए कायदे कानून होना जरूरी है। रविन्द्र रैना से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेन्द्र सिंह ने भी था कि जम्मू कश्मीर के लिए बनी नई आबकारी नीति से भाजपा को आपत्तियां हैं। उनका कहा है कि आवासीय कालोनियों में शराब खाेलने के खिलाफ भड़के जनआक्रोश को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

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