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Jammu Kashmir: कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर जश्न, हंदवाड़ा में बंगस आवाम मेला शुरू

Jammu Kashmir: कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर जश्न, हंदवाड़ा में बंगस आवाम मेला शुरू
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 10:16 AM (IST) Author: Rahul Sharma

श्रीनगर, जेएनएन। कश्मीर घाटी के कई जिलों में अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर जश्न मनाया जा रहा है। कश्मीरियों ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का एक साल पूरा होने पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। हंदवाड़ा के लोगों ने तो इस अवसर पर दो दिवसीय बंगस आवाम मेले का आयोजन किया है। इस मेले का आयोजन कर स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के तमाम दावों को झूठा साबित करते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 हटने से खुश हैं, अपनी इस खुशी को जाहिर करने और देश विरोधी तत्वों को जवाब देने के लिए ही इस मेले का आयोजन किया गया है।

वहीं हंदवाड़ा स्थानीय प्रशासन भी स्थानीय लोगों का इस मेले के आयोजन में सहयोग कर रहा है। अधिकारी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने और केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर पहली वर्षगांठ मनाने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं। यह जश्न दो दिन तक जारी रहेगा। 

मेले में कुपवाड़ा, टंगडार और हंदवाड़ा से सैंकड़ों गुज्जर, बकरवाल सहित अन्य नागरिक शामिल हुए। मेले में पहले दिन विलेज गेम्स का आयोजन किया गया था, जिसमें गुज्जर-बकरवाल समुदाय के बीच हॉर्स रेसिंग, भेड़ शेफर्डिंग चैलेंज, टग ऑफ वॉर और वुड चॉपिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि समुदाय के सदस्यों के अनुरोध पर ही इस मेले को दो दिन तक आयोजित किया गया था। सेना की राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की ओर से समुदाय के लिए इस अवसर पर नि:शुल्क पशु चिकित्सा और स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया था।

वेटरनरी कैंप में जहां पशुओं और मेडिकल कैंप में स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। उन्हें निशुल्क दवाइयां भी मुहैया की गई। पशु चिकित्सकों ने जहां समुदाय के लोगों को पशुओं के रखरखाव से संबंधित बुनियादी जानकारी भी दी। यह मेला बंगस घाटी में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य शिविर में 49 बच्चों समेत कुल 679 रोगियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। वहीं पशु चिकित्सा शिविर में भी करीब 135 पशुओं को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।

मेले के अंतिम दिन खेलों के फाइनल हुए और इस उत्सव को और शानदार बनाने के लिए गुज्जर और बकरवाल समुदाय ने अपने लोक गीत व नृत्य भी प्रस्तुत किए। समुदाय के बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति गीत भी गाए। हंदवाड़ा कुडो एसोसिएशन के बच्चों ने इस दौरान कराटे का प्रदर्शन भी किया।

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