कांग्रेस की गुटबाजी के बीच आजाद व मीर ने सक्रियता बढ़ाई, रूठे नेताओं को मनाने की कोशिश

इस समय गुलाम नबी आजाद कश्मीर के दौरे पर हैं तो मीर जम्मू पहुंच गए हैं। आजाद ने पिछले दिनों जम्मू संभाग में पांच दिन तक कई प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। जनसभाएं कीं। उस दौरान ही आजाद के समर्थक कई नेताओं ने पार्टी पद से इस्तीफा दिया।

Lokesh Chandra MishraSun, 28 Nov 2021 06:56 PM (IST)
मीर पर प्रधान पद से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया, लेकिन मीर को पार्टी हाईकमान का समर्थन हासिल है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में कांग्रेस की गुटबाजी बीच गुलाम नबी आजाद की सक्रियता बढ़ती देख अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर भी सक्रिय हो गए हैं। इस समय गुलाम नबी आजाद कश्मीर के दौरे पर हैं तो मीर जम्मू पहुंच गए हैं। आजाद ने पिछले दिनों जम्मू संभाग में पांच दिन तक कई प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। जनसभाएं कीं। उस दौरान ही आजाद के समर्थक कई नेताओं ने पार्टी पद से इस्तीफा दिया। मीर पर प्रधान पद से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया, लेकिन मीर को पार्टी हाईकमान का समर्थन हासिल है। मीर एक मंजे हुए राजनीतिज्ञ की तरह पार्टी के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। किसी नेता को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया है।

वह जम्मू में पहुंच कर रूठे नेताओं को मनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। मीर का कहना है कि सभी नेताओं को मतभेद भुला कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जुट जाना चाहिए। मैं तो आज भी मानता हूं कि सारे साथी कांग्रेस में हैं। गिले-शिकवे इंसानों से हो सकते हैं, पार्टी से नहीं। अगर लीडरशिप को लिखा है तो उससे मुझे क्या नाराजगी। उन्होंने भी अपने तरीके से लिखा है, इसमें कोई बुराई नहीं। बुरा तब लगा जब उन्होंने अखबारों में दिया। विषय बनाया। हमने अवाम की लड़ाई लड़नी है। लोगों की लड़ाई लड़नी है। नौजवानों की लड़ाई लड़नी है। मुझे पूरा भरोसा है सब रूठे बिछड़े सभी एक प्लेटफार्म पर आएंगे आने वाले चुनाव में मिलकर लड़ेंगे और अच्छा परिणाम आयेगा।

वहीं आजाद गुट के समर्थक नेता खुले तौर पर पार्टी हाईकमान को संदेश दे रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी की जम्मू कश्मीर की कमान आजाद को दे देनी चाहिए। आजाद की चुनाव को लेकर सक्रियता इस बात से चलती है कि वह इस महीने में जम्मू आए थे और अब कश्मीर पहुंच गए है। कश्मीर के कुलगाम में गत दिनों आजाद ने जनसभा की। वह पार्टी हाईकमान को दिखाना चाहते है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस में उनके मुकाबले का कोई नेता नहीं है। मीर जम्मू कश्मीर में बतौर प्रदेश प्रधान सात साल का कार्यकाल व्यतीत कर चुके है। आजाद गुट के नेता लम्बी अवधि का हवाला देकर कह रहे है कि बदलाव जरूरी है।

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