Jammu Kashmir: सेना-सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर: आतंक पर संयुक्त प्रहार से गणतंत्र दिवस को सुरक्षित बनाने की तैयारी

आतंकवाद ग्रस्त इलाकों में आतंकवादियों के साथ उनके ओवर ग्राउंड वर्करों की लगातार निगरानी की जा रही है।

शांति में खलल डालने की मंशा से आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए सांबा में सीमा पर पाकिस्तानी की ओर से हीरानगर के बोबियां में सुरंग मिलना इसका सबूत है। इसके बाद सेना केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीमा सुरक्षाबल व खुफिया एजेंसियों ने सर्तकता के स्तर को और बढ़ा दिया है।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 12:42 PM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर संयुक्त प्रहार कर सेना, सुरक्षाबल प्रदेश में गणतंत्र दिवस को सुरक्षित बनाएंगे। जिला विकास परिषद चुनाव को कामयाब बनाने के बाद नए साल में सेना, सुरक्षाबलों 26 जनवरी को सुरक्षित बनाने के लिए संयुक्त रणनीति पर काम कर रहे हैं।

ऐसे में जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर गणतंत्र दिवस की कामयाबी के लिए बनाए गए सिक्योरिटी प्लान पर चर्चा करेंगे। इसके साथ सेना, सुरक्षाबल भी बेहतर समन्वय से दुश्मन के मंसूबों को कामयाब बनाने के लिए भी बैठक होगी। इस समय प्रदेश में करीब 270 आतंकवादी सक्रिय हैं। ऐसे मं पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि हथियार डालने के लिए तैयार आतंकवादियों को मुख्यधारा में लाने के साथ अन्य आतंकवादियों को मार गिराकर प्रदेश में स्थायी शांति कायम की जाए। इसके लिए घुसपैठ पर पूरी तरह से रोक लगाने के प्रयास जारी हैं।

गणतंत्र दिवस को कामयाब बनाने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है। आतंकवाद ग्रस्त इलाकों में देश के दुश्मनों पर मारक प्रहार करने के लिए सेना, सुरक्षाबल पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ काे नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा के स्तर को बढ़ा रहे हैं। इस दौरान पेट्रोलिंग में तेजी लाने के साथ कस्बों, गांवों में विशेष नाके लगाकर देश विरोधी तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

शांति में खलल डालने की मंशा से आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए सांबा में सीमा पर पाकिस्तानी की ओर से हीरानगर के बोबियां में सुरंग मिलना इसका सबूत है। इसके बाद सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षाबल व खुफिया एजेंसियों ने सर्तकता के स्तर को और बढ़ा दिया है। इस समय प्रदेश के आतंकवाद ग्रस्त इलाकों में आतंकवादियों के साथ उनके ओवर ग्राउंड वर्करों की लगातार निगरानी की जा रही है। 

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