PM पैकेज के सभी कर्मचारियों को अगले साल मिल जाएंगे आवास, कश्मीर में 20 से अधिक स्थानों पर चल रहा है काम

राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज के सभी कर्मचारियों को 2022 तक उपयुक्त आवास दे दिए जाएंगे। वर्तमान में गांदरबल के वंधमा बांडीपोरा के ओडिना बारामुला के फतेहपोरा और शोपियां के अलोवपोरा में निर्माण कार्य जोरों पर है।

Vikas AbrolSun, 21 Nov 2021 08:11 AM (IST)
कश्मीर में 20 से अधिक स्थानों पर नए निर्माण चल रहे हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : प्रधानमंत्री राहत पैकेज के तहत सभी विस्थापित कर्मचारियों को अगले वर्ष उपयुक्त आवास दे दिए जाएंगे। यह दावा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त अशोक पंडिता ने किया है। उन्होंने बताया कि कश्मीर में 20 से अधिक स्थानों पर नए निर्माण चल रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कई निर्माण कार्यस्थलों पर जाकर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने विस्थापित कर्मचारियों की समस्याओं को जाना और शिकायतें भी सुनीं।

राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज के सभी कर्मचारियों को 2022 तक उपयुक्त आवास दे दिए जाएंगे। वर्तमान में गांदरबल के वंधमा, बांडीपोरा के ओडिना, बारामुला के फतेहपोरा और शोपियां के अलोवपोरा में निर्माण कार्य जोरों पर है। उम्मीद है कि अगले वर्ष मार्च और अप्रैल में कर्मचारियों को आवास आवंटित कर दिए जाएंगे।

उन्होंने वंधमा, ओडिना, फतेहपोरा और कुलंगम बाग में निर्माण स्थलों का दौरा कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उनके साथ तहसीलदार राहत श्रीनगर, इंजीनियरिंग विंग के कर्मचारी भी थे। वह आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग के सचिव के निर्देश पर विस्थापित कर्मचारियों की समस्याओं का जायजा लेने और उन्हें हल करने के लिए कश्मीर के दौरे पर हैं। उन्होंने कई संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर आवास, अंतर जिला स्थानांतरण, कर्मचारियों का सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण समेत ट्रांजिट कैंप में कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं पर चर्चा की। उन्हें बताया गया कि लगभग 1230 कर्मचारी कुलगाम के वेसु, बड़गाम के शेखपुरा और अनंतनाग के मट्टन में दो कमरों के फ्लैट में रह रहे हैं। इसके अलावा कुपवाड़ा के नटनसा, बारामुला के वीरवन और शोपियां के हाल इलाके में प्री-फैब्रिकेटेड आवास में भी कर्मचारी रह रहे हैं।

राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने फील्ड स्टाफ और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंपों में रहने वाले सभी कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। वहीं, कुपवाड़ा के नटनसा में कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति और इंटरनेट सेवा की असुविधा की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को जिला उपायुक्त के समक्ष उठाया गया था। इसका जल्द समाधान किया जाएगा। इंटरनेट की समस्या के समाधान के लिए आश्वासन दिया है कि जल्द ही टावर लगाए जाएंगे। कालोनी में 12 सोलर लाइटें लगा दी हैं।

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