खुले में कचरा जलाने वालों की अब खैर नहीं, कचरा जलाते पकड़े गए तो 25 हजार देना होगा जुर्माना

दरअसल कचरा जलाए जाने से जो धुंआ निकलता है उससे पर्यावरण को नुकसान होता है इसके साथ मानव शरीर को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। नगर निगम अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को भी कचरा ना जलाने बारे प्रेरित किया है।

Lokesh Chandra MishraPublish:Mon, 29 Nov 2021 06:46 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 06:46 PM (IST)
खुले में कचरा जलाने वालों की अब खैर नहीं, कचरा जलाते पकड़े गए तो 25 हजार देना होगा जुर्माना
खुले में कचरा जलाने वालों की अब खैर नहीं, कचरा जलाते पकड़े गए तो 25 हजार देना होगा जुर्माना

जम्मू, दिनेश महाजन : पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर नगर निगम जम्मू ने खुले में कचरा जलाने से शहरवासियों को परहेज करने की हिदायत दी है। नगर निगम की चेतावनी के बावजूद यदि कोई कचरा जलाते पकड़ा गया तो उसे 5 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक जुर्माना चुकाना होगा। दरअसल, कचरा जलाए जाने से जो धुंआ निकलता है, उससे पर्यावरण को नुकसान होता है इसके साथ मानव शरीर को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। नगर निगम अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को भी कचरा ना जलाने बारे प्रेरित किया है।

अकसर सफाई कर्मी कचरा एकत्रित करने के बाद उसे जला देते है, जिससे इलाके में वायु प्रदूषण फैलता है। एक ही स्थान पर लगातार कूड़े के जलने से लोगों की सेहत को भी नुकसान होता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने भी यह स्पष्ट आदेश दिया है कि कचरा को जलाना गैर कानूनी है, बावजूद इसके कुछ लोग एनजीटी के इस आदेश का भी उल्लंघन करते है।

स्वास्थ्य के लिए काफी घातक है : छाती रोग विशेषज्ञ डाक्टर गौतम कुमार ने बताया कि कचरा में आग लगाने एवं नाले में सड़ रहे कचरे से हानिकारक गैस मिथेन, सल्फर, कार्बन डाय आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड निकलते हैं, जो हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है और ओजोन परत को क्षति पहुंचाता है। ये गैस मानव शरीर के लिए खतरनाक व जानलेवा है। इससे कैंसर, जेनेटिक डिजीज, चर्म रोग, सांस की बीमारी, एनिमिया, दांत, दमा, टीबी जैसी बीमारी होती है।

एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट के तहत होगी कार्रवाई : नगर निगम के सचिव अतुल कुमार ने कहा कि यदि कोई कचरा जलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी कार्रवाई। लोगों से यह अपील है कि वे कचरा जलाने के बजाय उनके घरों से कचरा उठाने वाले निगम कर्मियों को सौंपा जाए ताकि उसका निस्तारन उचित तरीके से किया जा सके। उससे किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।