60 वर्षो में भी दूसरा मिल्खा पैदा नही कर पाया हिंदुस्तान : मिल्खा सिंह

सोलन, मनमोहन वशिष्ठ। भारत मे 50 हजार कोच होने के बावजूद भी आज ओलंपिक में रिजल्ट जीरो है और यदि सरकार चाहती है कि भारत के खिलाड़ी ज्यादा मेडल लाए तो कोच कॉन्ट्रेक्ट बेसिस पर रखने होंगे। यह शब्द देश के महान एथलीट व पदमश्री मिल्खा सिंह शूलिनी विवि में इंडोर स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का उदघाटन करने पहुंचे है। शूलिनी विवि ने प्रशासन में इस कॉम्पलेक्स का नाम भी मिल्खा सिंह के नाम पर ही रखा है। उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें ये दुख है कि 60 सालों बाद भी हिंदुस्तान दूसरा मिल्खा सिंह पैदा नही कर पाया है। उन्होंने कहा कि आज जितनी तवज्जो क्रिकेट को दी जाती है उतनी एथलेटिक्स गेम्स को नही दी जाती है। 

अंतिम विश कोई खिलाड़ी लाए मेडल

मिल्खा सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में आज तक केवल पांच खिलाड़ी ही ओलम्पिक में एथलेटिक्स गेम्स में पहुंचे है लेकिन कोई भी मेडल नही ला पाए है। उन्होंने कहा कि अब वो 91वें वर्ष में प्रवेश कर चुके है लेकिन आज भी उनकी अंतिम विश है कि ओलम्पिक में कोई भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल लाए। उन्होंने कहा कि ये मुश्किल नही यदि बच्चे हर गेम्स के रिकॉर्ड को अपने सामने रखकर मेहनत करे। 

2020 ओलम्पिक से है उम्मीदें

उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ियों  ने जो प्रदर्शन इस बार एशियन गेम्स में किया है उसके लिए वो सभी  बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि 2020 में होने वाले ओलम्पिक से उन्हें बहुत उम्मीदें है और और आशा है कि जो भी खिलाड़ी ओलम्पिक में खेलने जाएंगे वो भारत के एम्बेसडर बनकर जाएंगे और बहुत अच्छा करेंगे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.