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लघु उद्यमियों के लिए शुरू हो पेंशन योजना

रणेश राणा, बद्दी

प्रदेश उद्योग विभाग कार्यालय शिमला द्वारा आगामी आम बजट के लिए प्रदेश के उद्यमियों से सुझाव मांगे हैं। इस सिलसिले में उद्योग भवन शिमला में लघु उद्योग भारती व बीबीएनआइए के पदाधिकारियों ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में आगामी बजट के लिए सुझाव दिए हैं।

लघु उद्योग भारती के प्रदेश महासचिव विकास सेठ ने बताया कि सुझाव हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का पूरा भरोसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती ने सुझाव दिए हैं कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी पूरे जीवन में सरकार को किसी न किसी रूप में राजस्व देता है और कई लोगों को रोजगार देता है। उन्होंने वित्त सचिव से अनुरोध है कि लघु उद्यमियों के लिए एक पेंशन योजना प्रदेश सरकार की तरफ से बनाई जाए। इस समय प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की स्थापना की अत्यंत आवश्यकता है। इससे कि सहायक उद्योग के रूप में लघु व सूक्ष्म उद्योगों को काम मिल सके। तकनीकी रूप से शिक्षित युवाओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। उनको अपने प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध हो पाए। इस दिशा में आवश्यक रूप से काम होना चाहिए। वित्तीय संस्थाओं/बैंक को निर्देश दिए जाएं कि लघु व सूक्ष्म उद्योगों को आवश्यक रूप से लोन दें। लघु उद्योग को सरकार को कम इंटरस्ट पर लोन उपलब्ध कराना चाहिए। सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र में 25 फीसद प्लॉट लघु व सूक्ष्म उद्योगों के लिए आरक्षित होने चाहिए। उनका आवंटन बगैर किसी नीलामी के आसान किस्तों पर भुगतान पर होना चाहिए। एजीटी (एडिशनल गुडस टैक्स) समाप्त होनी चाहिए, जो जीएसटी के बाद समाप्त हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ हिमाचल में ही यह लागू है बाकि राज्यों में नहीं। लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधित्व सीटीआर, सीआइपीटी, फेसलीटेशन कॉन्सिल, एनआइएससी जैसी संस्थाओं में आवश्यक रूप से होनी चाहिए। मंडी टैक्स समाप्त होना चाहिए।

वर्तमान सरकार के गठन के बाद उसकी समाप्ति की घोषणा कर दी गई थी। लेकिन एचपीएसआइडीसी ने अभी तक न तो परमिशन शुल्क खत्म किया है और न ही दो रुपये पर स्क्वायर फीट का रेंट खत्म किया है। इस बारे में कार्रवाई करके एचपीएसआइडीसी से भी वह शुल्क व किराया समाप्त किया जाए। पिजौर नालागढ़ हाईवे फोरलेन का काम पिछले चार साल से किसी कारण रुका है। उसको शीघ्र पूरा करवाया जाए। परवाणू को बद्दी से जोड़ने के लिए कार्य किए जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, उद्योग विभाग अतिरिक्त प्रमख सचिव मनोज कुमार, निदेशक उद्योग विभाग हंसराज शर्मा के अलावा तहत लघु उद्योग भारती के प्रदेश के मुख्य सरंक्षक एमपी शर्मा भी उपस्थित रहे।

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