देश में पैरासिटामोल सहित 34 दवाओं के सैंपल फेल

जागरण संवादाता, सोलन : केंद्रीय दवा मानक कंट्रोल प्राधिकरण (सीडीएससीओ) के निरीक्षण में देश के उद्योगों में निर्मित 34 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से 16 ऐसी हैं जो हिमाचल के उद्योगों में तैयार हुई। अगस्त माह के ड्रग अलर्ट में किडनी, हार्ट, गर्भवती महिलाओं के लिए फॉलिक एसिड व हाई बल्ड प्रैशर सहित अन्य कई रोगों की दवा का परिणाम खराब आया है। ड्रग अलर्ट में सिरप, इंजेक्शन, क्रीम, गोलियां और कैप्सूल शामिल हैं। उद्योगों में निर्मित इन खराब दवाओं के बैच को तुरंत नष्ट करने का आदेश है। गौर हो कि संबंधित उद्योगों को देशभर से सारा स्टॉक वापस मंगवाना होगा और उसे वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करना होगा। इन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल

हिमाचल के नालागढ़ की वीआइपी फार्मास्यूटिकल की टेलकोनोल-20एमजी दवा चेन्नई में, झाड़माजरी बद्दी के और्य हेल्थकेयर कंपनी का इंजेक्शन सेफ्ट्राक्षोन कोलकाता में, नालागढ़ स्थित थियोन फार्मास्यूटिकल में निर्मित डिकलोफिनैक सोडियम टैबलेट चंडीगढ़ में, कांगड़ा में स्थित सिवरोन फार्मास्यूटिकल की दवा ऑर्थो सोल टैबलेट चंडीगढ़ में, वीआइपी फार्मास्यूटिकल नालागढ़ की दूसरी दवा मिथाइलकोबलामिन अल्फा लिपाइक एसिड, फोलिक एसिड दवा चंडीगढ़ में, सिरमौर में स्थित कंसकैफ इडिया कंपनी में निर्मित फिरोस एसकोरबेट फोलिक एसिड और जिंक सल्फेट टैबलेट चंडीगढ़ में फेल पाई गई। सिरमौर की ही सनवेट हेल्थकेयर में निर्मित पैंटोप्रोजोल डोंप्रीडोन एसआर कैप्सूल चंडीगढ़ में फेल हुआ। बद्दी के यूनाइटल फोर्मोलेशन में निर्मित रेबप्रैजोल इंजेक्शन को चंडीगढ़ लैब में फेल पाया गया। कांगड़ा के सीएमजी बॉयोटैक की दवा टेक्रोलिमस कैप्सूल, ऊना के मेहतपुर की स्टैनफोर्ड कंपनी में निर्मित मल्टीविटामिन एलिमेंटल आयरन कैप्सूल का सैंपल भी फेल हुआ है। सोलन के बॉयोजेनेटिक ड्रग्स में निर्मित टरबुटेलाइन सल्फेट सिरप, सोलन के नालागढ़ स्थित थियोन फार्मास्यूटिकल में निर्मित अटोरवास्टाटिन टैबलेट, सिरमौर के जी लैबोरेट्री में निर्मित क्लोरोडाइन क्रीम, इसी कंपनी में निर्मित आयरन सक्रोज इंजेक्शन, बद्दी के कान्हा बॉयोजेनेटिक में निर्मित इजीसर्टन 80 टैबलेट, सिरमौर की ऐथेंस लाइफ सांइस उद्योग में निर्मित इजीसर्टन 40 टैबलेट का सैंपल परीक्षण में फेल पाया गया है।

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हिमाचल प्रदेश के कुछ उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। उद्योग मालिकों से जवाब मांगा जाएगा। एक्ट के मुताबिक कार्रवाई होगी। कुछ दवाएं मौसम परिवर्तन से खराब हो जाती हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, जिसके चलते इसकी जांच की जाएगी।

-नवनीत मारवाह, राज्य दवा नियंत्रक।

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