निजी बसें न चलने से परेशान हुए लोग

निजी बसें न चलने से परेशान हुए लोग

शिमला में प्राइवेट मिनी बस चालक एवं परिचालक संघ के केंद्रीय ट्रेड

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:00 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, शिमला : शिमला में प्राइवेट मिनी बस चालक एवं परिचालक संघ के केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बसों के पहिये थमे रहे। सुबह से शाम तक शिमला की सड़कों पर निजी बसें नहीं चलीं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सैकड़ों लोग सड़कों के किनारे बसों का इंतजार करते दिखे। काफी देर तक बसें न चलने से लोगों को गंतव्य की ओर पैदल रुख करना पड़ा। हालांकि शहर में सरकारी बसें चल रही थीं लेकिन 50 फीसद की ऑक्यूपेंसी के साथ सवारियां भरी जा रही थीं। अधिकतर स्टॉप पर बसें नहीं रोकी गईं। लक्कड़ बाजार बस स्टैंड में रामपुर, रोहड़ू, चौपाल, नेरवा, करसोग की ओर जाने वाली अधिकतर निजी बसें न चलने से लोग घंटों इंतजार करते रहे। लोगों का कहना है कि उन्हें निजी बसों का संचालन न होने की सूचना नहीं थी। निजी बसों न चलने और सरकारी में सीटें न मिलने से लोग ठंड में ठिठुरते रहे और पैदल आवाजाही करते रहे। कर्मचारी भी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे।

शिमला निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने बताया कि हड़ताल से उनका कोई लेना-देना नहीं है। स्टाफ मौजूद न होने के कारण बसों का संचालन नहीं हो पाया।

टोकन टेक्स में दी जाए छूट

संवाद सहयोगी, रामपुर बुशहर : जय मां भीमा काली रामपुर निजी बस ऑपरेटर संघ की बैठक यूनियन कार्यालय में हुई। इसमें प्रदेश सरकार के 50 फीसद बसों के संचालन के लिए चर्चा की गई। ऑपरेटरों ने कहा कि 50 फीसद सवारियों के साथ बसें चलाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्हें बसों पर लगने वाले विशेष पत्र और टोकन टैक्स में 30 मार्च 2021 तक छूट दी जाए। परिवहन निगम की तरह निजी बस ऑपरेटरों को भी सरकार आर्थिक पैकेज दे। इस मौके पर जय मां काली ऑपरेटर यूनियन के प्रधान मनीष शर्मा, योगेश कुमार शर्मा, हेमराज ठाकुर, विशाल राणा, अजय शर्मा, राकेश छोलटा, गोविद आदि मौजूद रहे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.