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ऑडियो मामला: विजिलेंस ने लिए वॉयस सैंपल, कमीशन के खेल में और भी अधिकारी Shimla News

शिमला, राज्य ब्यूरो। ऑडियो मामले में विजिलेंस ने आरोपित निलंबित स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अजय गुप्ता और ऑडियो रिकॉर्ड करने वाले के वॉयस सैंपल लिए हैं। इनकी आवाज की पहचान हो गई है, लेकिन केस को और पुख्ता बनाने के लिए फॉरेंसिंक लैब जुन्गा में सैंपल लिए गए। एडीजीपी विजिलेंस अनुराग गर्ग ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ऑडियो में आवाज की पहचान हुई है। मामले की जांच अभी जारी है।

कमीशन के खेल में कौन अधिकारी शामिल, जांच तेज

जांच में पता चला है कि कई सौदों में कथित तौर पर कमीशन का खेल खेला जाता था। इनमें कौन-कौन अधिकारी संलिप्त रहते थे, इसकी गहन छानबीन चल रही है। ऑडियो वायरल होने से पहले मामला सुलझाने में कुछ और लोगों ने भी भूमिका निभाई थी। इन्हीं के कारण 45 लाख के बिलों की अदायगी हो गई, लेकिन कुछ और खरीद पर बात न बनने से मामला बिगड़ गया। नतीजतन वायरल हो गया। खरीद कमेटी में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे, उन सब से भी बारी-बारी से पूछताछ हो रही है। सभी पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। आरोपित और ऑडियो बनाने वाले को आमने- सामने भी किया जा सकता है।

सरकार नहीं रखती थी सेवा विस्तार की मंशा

इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विजिलेंस मुख्यालय को एक पत्र लिखा गया। इसमें कहा गया कि सरकार डॉ. गुप्ता को सेवा विस्तार देने की कोई मंशा नहीं रखता थी। हालांकि पहले यह कहा जा रहा था कि भाजपा के एक बड़े नेता ने सरकार से सेवाविस्तार की सिफारिश की थी।

बिंदल के इस्तीफे के बाद बदल सकती है जांच की दिशा

बहुचर्चित ऑडियो मामले में अब जांच की दिशा बदल सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के इस्तीफे देने के बाद से विजिलेंस पर निष्पक्ष जांच के लिए दबाव बढ़ गया है। अब वह फूंक-फूंक कर कदम रखेगी, ताकि उसकी साख सवालों के घेरे में न आए। जांच निष्पक्ष हो, इसी मकसद से बिंदल ने त्यागपत्र दिया है। हालांकि ऑडियो में वार्तालाप स्वास्थ्य निदेशक और एक अन्य व्यक्ति के बीच हुई है। ऑडियो बनाने वाले ने इस बारे में पहले ही बयान दे दिया है। अब उस बयान के आधार पर निलंबित स्वस्थ्य निदेशक डॉ. अजय कुमार गुप्ता से पूछताछ हो रही है।

आलाकमान के संज्ञान में हैं मामला

ऑडियो व सैनिटाइजर घोटाला भाजपा आलाकमान के संज्ञान में हैं। इस कारण विजिलेंस मामले के संबंध में कुछ और तथ्य जुटाएगी। जांच एजेंसी अपनी टीम में कुछ और अधिकारी भी शामिल कर सकती है।

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