परंपरागत फसलों के तैयार होंगे बीज

परंपरागत फसलों के तैयार होंगे बीज

हिमाचल में विलुप्त हो रही पंरपरागत फसलें फिर खेतों में लहलाएंगी।

JagranThu, 11 Feb 2021 09:12 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल में विलुप्त हो रही पंरपरागत फसलें फिर खेतों में लहलाएंगी। कांगड़ा व शिमला के मशहूर लाल चावल और कई जिलों की प्रमुख परंपरागत पहाड़ी दालों का अब कृषि विभाग बीज तैयार करेगा। पंद्रह फार्मो में इनका प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन होगा।

पहले चरण में लाल चावल व पहाड़ी दालों का 800 क्विंटल बीज तैयार होगा। इसके बाद इसे बढ़ावा दिया जाएगा। इस बीज को किसानों तक पहुंचाया जाएगा। खासकर उन इलाकों में ऐसा बीज दिया जाएगा जहां पहले इसका काफी उत्पादन होता था और अब किसान इससे विमुख हो गए हों। इस संबंध में कृषि एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पशुपालन, मत्स्य विभाग के अलावा नाबार्ड के अधिकारियों ने भी भाग लिया। उन्होंने विभागों को नाबार्ड के साथ योजनाओं का जुड़ाव करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृषि योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के निर्देश किए। कंवर ने कहा कि राज्य सरकार एग्रो लोन को बढ़ावा देगी। प्रदेश के साढ़े नौ लाख किसान परिवारों को सस्ती दर पर कर्ज दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना का भी लाभ देना सुनिश्चित किया जाएगा। बैंकों को भी क्रेडिट प्लान को मिलजुल कर लागू करने को कहा जाएगा।

प्रदेश में कर्ज लेने के लिए कृषि मेले आयोजित किए जाएंगे। ये मेले अप्रैल व अक्टूबर में लगेंगे। इनमें किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। किसानों की आय को दोगना करने के लिए डेयरी, मत्स्य, बकरी व मुर्गा पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।

------------ साल में दो बार लगेंगे कृषि मेले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत हिमाचल में किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें विभागीय योजनाओं को तेज गति से लाभार्थियों तक ले जाने के संबंध में चर्चा की गई है। प्रदेश में साल में दो बार कृषि मेले लगाएं जाएंगे।

वीरेंद्र कंवर, कृषि, पशुपालन मंत्री

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