कारोबारियों को अगले महीने जारी होंगे किराये के बिल

शहर में नगर निगम के किरायेदार कारोबारियों को दो साल के बिल जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है।

JagranFri, 23 Jul 2021 07:29 PM (IST)
कारोबारियों को अगले महीने जारी होंगे किराये के बिल

जागरण संवाददाता, शिमला : शहर में नगर निगम के किरायेदार कारोबारियों को दो साल के बिल जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत नए तय किराये के मुताबिक ही बिल तैयार किए जाने हैं। दो साल से निगम के किरायेदारों ने अभी तक किराया नहीं दिया है। न ही इन्हें बिल जारी किए थे। किराया बढ़ाने का विवाद अभी तक सुलझ नहीं पा रहा था। पिछली वित्त कमेटी की बैठक में इस मसले पर लगभग सहमति बन गई है। अब 27 जुलाई को प्रस्तावित मासिक बैठक में मुहर लगनी संभव है। इसके बाद अगस्त में निगम के 957 किरायेदारों को दो साल के बिल जारी कर दिए जाएंगे। इससे निगम को एक साल के किराये से ही साढ़े चार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। 2018 में लिया था किराये में बढ़ोतरी का फैसला

शहर में नगर निगम ने 2018 में किराये में बढ़ोतरी का फैसला लिया था। इसका कारोबारियों से लेकर व्यापार मंडल ने भी विरोध किया था। कारोबारियों के विरोध के बाद निगम ने फिर से इस पर फैसला लेने की बात कही थी। अब निगम प्रशासन ने फिर से किराये को नए सिरे से तय किया है। इस पर अगली मासिक बैठक में मुहर लगनी है। अगस्त महीने में दो साल के बाद कारोबारियों को किराये के बिल जारी कर दिए जाएंगे। 20 फीसद की बढ़ोतरी संभावित

वित्त कमेटी के फैसले के मुताबिक दुकानों के किराये में 20 फीसद की बढ़ोतरी होगी। वहीं न्यूनतम किराया 500 रुपये किया है। जिन किरायेदारों ने निगम से ली दुकानों से ज्यादा क्षेत्र पर दुकानों का निर्माण कर रखा है, उनसे अतिरिक्त तौर पर किराया वसूलने का फैसला लिया गया है। इसलिए दो साल के बिल एक साथ ही जारी किए जाने की तैयारी है। निगम ने वित्त कमेटी की बैठक में पहले के मुकाबले बिल की दर में बढ़ोतरी को कम किया है। हालांकि पहले बिल प्रति वर्ग फीट की दर से वसूलने की तैयारी थी। इससे कई कारोबारियों की दुकान का किराया हजारों रुपये बढ़ रहा था। इसलिए कारोबारी लगातार ही इसका विरोध कर रहे थे। तीन के बजाय साढ़े चार करोड़ की होगी सालाना आय

कारोबारियों के किराये से नगर निगम को अभी तक तीन करोड़ रुपये की सालाना आय होती है। बढ़े हुए किराये के लागू होने के बाद आय का आंकड़ा साढ़े चार करोड़ तक पहुंच सकता है। कारोबारियों को भी नई दुकानें बनकर मिलेंगी। 957 में से 467 दुकानों को स्मार्ट सिटी के तहत दोबारा से बनाया जा रहा है।

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