एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने संभाला पदभार, आपरेशन शुरू

ऊपरी शिमला के प्रवेश द्वार माने जाने वाले ठियोग के सिविल अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के कार्यभार संभालने के बाद यहां पर आपरेशन शुरू हो गए हैं।

JagranThu, 14 Oct 2021 07:54 PM (IST)
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने संभाला पदभार, आपरेशन शुरू

सुनील ग्रोवर, ठियोग

ऊपरी शिमला के प्रवेश द्वार माने जाने वाले ठियोग के सिविल अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पदभार संभालने पर महीनों से लंबित पड़े मरीजों के आपरेशन होने शुरू हो गए हैं। इससे अब मरीजों को आपरेशन के लिए शिमला जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

अस्पताल में सिविल अस्पताल के नए भवन के लोकार्पण के बाद यहां 150 बिस्तर की सुविधा हो जाएगी लेकिन इस अस्पताल में 30 में से छह स्टाफ नर्स ही अपनी सेवाएं दे रही हैं जबकि अस्पताल में 20 डाक्टर तैनात हैं। अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों के आपरेशन करवाने के लिए शिमला व अन्य स्थानों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए दावे को बहुत किए जाते हैं लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।

वर्तमान में अस्पताल 100 बिस्तर की सुविधा लोगों को दे रहा है लेकिन इसके लिए भी कम स्टाफ को अधिक कार्यभार की समस्या से परेशान होकर काम करना पड़ रहा है। अस्पताल में विभिन्न पद रिक्त

अस्पताल में एंबुलेंस चालक के दो पद कई वर्ष से रिक्त हैं। आपातकाल स्थिति में लोगों को अधिक कीमत चुका कर निजी वाहन से मरीज को शिमला ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अस्पताल में सात सफाई कर्मचारी, तीन फार्मासिस्ट, एक माइनर ओटी असिस्टेंट, छह चपरासी के अलावा कई अन्य पद खाली पड़े हैं। अस्पताल में कम स्टाफ के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। सात महीने बाद एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का पद भरने से मिली राहत

सिविल अस्पताल में सात महीने बाद एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के आने से अस्पताल में महीनों से लंबित पड़े पथरी, हर्निया और अन्य बीमारियों के आपरेशन होने शुरू हो गए हैं। इससे ठियोग उपमंडल व आसपास के इलाकों के रोगियों को शिमला के अस्पतालों में जाने से अब राहत मिली है। पिछले सप्ताह में अस्पताल में कई लोगों के आपरेशन किए गए। अस्पताल में तीन सर्जन तैनात हैं, लेकिन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से समस्या आ रही थी। इस कारण काफी संख्या में रोगी इंतजार कर रहे थे। रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने भी विशेषज्ञ भेजने के लिए विभाग व सरकार का आभार जताया है।

- डा. पवन शर्मा, अस्पताल सर्जन, ठियोग। अस्पताल में विभिन्न पदों के रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। कम स्टाफ के कारण काम कर रहे स्टाफ पर काम का दबाव रहता है। पदों को भरे जाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित मांग भेजी है। बिना स्टाफ के डाक्टर भी अपनी दक्षता के अनुसार सेवाएं देने में असमर्थ हैं।

- डा. दिलीप टेक्टा, प्रभारी, सिविल अस्पताल ठियोग।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.