पुलिस नहीं, कोर्ट या सीबीआइ को दूंगा बयान

जागरण संवाददाता, शिमला : आरटीआइ कार्यकर्ता और वकील केदार सिंह जिंदान हत्याकांड के चश्मदीद गवाह सुरेश ने पुलिस को बयान देने से इन्कार कर दिया है। मंगलवार को पुलिस टीम उनका बयान लेने नाहन पहुंची थी।

सुरेश ने दैनिक जागरण से कहा कि वह पुलिस के सामने बयान नहीं देंगे। उन्हें पुलिस पर विश्वास नहीं है, उनका बयान बदला जा सकता है। वह अपना मुंह कोर्ट या सीबीआइ के सामने खोलेंगे। भले ही उन्हें हाईकोर्ट क्यों न जाना पड़े। जिंदान की मौत हादसा नहीं बल्कि उनकी हत्या हुई है। वह उस दिन बीईईओ कार्यालय जा रहे थे। उनके सामने ही मारपीट हुई थी। अगर मैं उस दिन वहां से भागकर शिमला न पहुंचता तो मेरे साथ भी कुछ गलत हो सकता था। वह पांच दिन से घर नहीं गए हैं। उन्हें पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करवाई है। मेरी पत्‍‌नी व बच्चे घर पर हैं। मुझ पर कोई दबाव बनाने के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया लेकिन मुझे डर है। मैं अपने बयान से पीछे नहीं हटूंगा। जिदान मेरे चाचा थे। पूरी उम्र उन्होंने गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए कार्य किया है। जब बीपीएल सूची में अपात्र परिवारों का मामला उठाया, तभी से उनकी जान को खतरा हो गया था। पहले भी उन पर कई हमले हुए थे। मैं सिर्फ न्याय व इंसाफ के लिए लड़ूंगा। गवाहों को मिली है पुलिस सुरक्षा

पुलिस ने जिंदान हत्याकांड में पांच गवाहों को सुरक्षा मुहैया करवाई है। इनमें रघुवीर, जगदीश, बहादुर, हीरा सिंह व सुरेश शामिल है। पुलिस सभी गवाहों के परिजनों की सुरक्षा पर भी नजर रखे हुए है। तीसरा आरोपित राजगढ़ से गिरफ्तार

केदार सिंह जिंदान हत्याकांड में पुलिस ने तीसरे आरोपित को राजगढ़ से गिरफ्तार किया है। मंगलवार को तीसरे आरोपित 30 वर्षीय कर्म सिंह उर्फ काकू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सात सितंबर को जिंदान की हत्या के दौरान उपप्रधान जय प्रकाश व गोपाल के साथ काकू मौके पर था।

पुलिस के मुताबिक काकू ने मारपीट की थी। इसके बाद वह गांव में ही था। पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की तो काकू का नाम सामने नहीं आया। कुछ गवाहों के बयान दर्ज हुए तो काकू की भूमिका का पता चला। आरोपित बकरास में दुकान चलाता है। बुधवार को आरोपित को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआइटी प्रमुख एडिशनल एसपी विरेंद्र ठाकुर ने कहा कि इस मामले में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामला सुलझ गया है। अभी फोन कॉल डिटेल आना शेष है। जिंदान ने लगाए थे गंभीर आरोप

केदार सिंह जिंदान ने 29 जून को शिमला में बकरास पंचायत के उपप्रधान जय प्रकाश के सगे भाई की नौकरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। जिंदान ने कहा था कि पंचायत में संपन्न लोगों को बीपीएल यूची में शामिल कर नौकरियों आदि में लाभ दिया जा रहा है। उपप्रधान के परिवार के सदस्य बीपीएल सूची में हैं जबकि उनकी आय लाखों में है। उनके पास गाड़ियां व पक्के घर है।

जिंदान इससे पहले उपप्रधान के खिलाफ कई बार शिकायतें दे चुके थे। जिंदान ने वर्ष 2007, 2012 व 2017 में शिलाई सीट से चुनाव भी लड़ा था। उन पर पहले भी पांच बार हमले हो चुके थे। गत वर्ष सतोन में भी करीब 12 लोगों ने उन्हें पीटा था। जिंदान ने उन पर हमला होने की आशका जताकर प्रदेश पुलिस प्रमुख से मिलकर सुरक्षा देने की गुहार लगाई थी।

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