अधिक फीस लेने पर भी भा रहे निजी स्कूल

अधिक फीस लेने पर भी भा रहे निजी स्कूल
Publish Date:Wed, 30 Sep 2020 06:24 AM (IST) Author: Jagran

-03 साल में निजी स्कूलों में बढ़े 24 हजार बच्चे

53 हजार बच्चे सरकारी स्कूलों में हुए कम

जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश के निजी स्कूलों में अधिक फीस लेने के बावजूद अभिभावक बच्चों को इनमें पढ़ाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि तीन साल में निजी स्कूलों में 24 हजार दाखिले बढ़े हैं, जबकि सरकारी में 53 हजार कम हुए हैं। इसका पता यू-डाइस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) रिपोर्ट 2019-20 में हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में प्रदेश में कुल छात्रों की संख्या (निजी व सरकारी) 13,90,877 थी। सरकारी स्कूलों में 8,54,879 व निजी में 5,35,996 छात्रों ने दाखिला लिया था। 2018 में छात्रों की कुल संख्या (निजी व सरकारी) कम होकर 13,74,135 थी। सरकारी स्कूलों में 8,24,73 व निजी में 5,50,63 छात्रों ने दाखिला लिया। 2019 में छात्रों का कुल आंकड़ा कम होकर 13,59,471 पहुंच गया। सरकारी स्कूलों में छात्रों का आंकड़ा 8 लाख एक हजार 43 व निजी का 5,58,428 पहुंचा।

प्रदेश में 2786 निजी स्कूल

प्रदेश में 2786 निजी स्कूल हैं। सबसे ज्यादा 628 निजी स्कूल कांगड़ा जिला में हैं। बिलासपुर में 180, चंबा में 168, हमीरपुर में 218, किन्नौर में 43, कुल्लू में 188, लाहुल-स्पीति में छह, मंडी में 396, शिमला में 366, सिरमौर में 172, सोलन में 274 व ऊना में 147 निजी स्कूल हैं।

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यू डाइस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजीकरण में ओवरआल कमी आई है। यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है। नई शिक्षा नीति में कम संख्या वाले स्कूलों के लिए कलस्टर स्कूलों का कांसेप्ट शुरू किया जाएगा।

-आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान

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