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स्कूलों की जांच से संतुष्ट नहीं शिक्षा निदेशालय

जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश में निजी स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूलने को लेकर चल रही जांच पर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। शिक्षा उपनिदेशक (निरीक्षण) की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट से शिक्षा निदेशालय संतुष्ट नहीं है। शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा उपनिदेशक को कुछ और बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें पूछा गया है कि क्या स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं लेने से लेकर विद्यार्थियों से कुछ और फंड की डिमांड की है। पुरानी फीस और मौजूदा फीस स्ट्रक्चर में कोई बदलाव तो नहीं है। सोमवार तक दोबारा रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी।

इसके अलावा जिन सात स्कूलों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे, उनकी जांच रिपोर्ट भी सोमवार को ही निदेशालय को दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में टीम ने किसी भी तरह की खामियां नहीं दर्शाई हैं। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में जो स्टाफ कार्यरत है उन्हें नियमित रूप से वेतन दिया जा रहा है। नियमित पढ़ाई करवाई जा रही है। किसी भी शिक्षक को स्कूल से नहीं निकाला गया है। वहीं, फीस जमा न करने की सूरत में भी किसी विद्यार्थी को स्कूल से नहीं निकाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 मई को सरकार ने निर्णय लिया था कि केवल ट्यूशन फीस ही वसूली जाए।

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दो तरह की चल रही जांच

स्कूलों में ज्यादा फीस वसूलने को लेकर दो तरह की जांच चल रही है। शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण सभी स्कूलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट भेज रहे हैं, जबकि निदेशक उच्चतर शिक्षा ने सात स्कूलों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे।

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स्कूलों की जांच चल रही है। कुछ और बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-डॉ. अमरजीत शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग।

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