जिले में कोरोना टेस्ट करवाने की दर में आई कमी

संक्रमण के डर से कई लोग टेस्ट करवाने से परहेज करने लगे हैं।

JagranFri, 23 Jul 2021 04:23 PM (IST)
जिले में कोरोना टेस्ट करवाने की दर में आई कमी

जागरण संवाददाता, शिमला : संक्रमण के डर से कई लोग टेस्ट करवाने से परहेज करने लगे हैं। जहां पहले जिले में रोजाना 1500 से 1700 टेस्ट होते थे, वहीं अब घटकर 1000 से 1200 रह गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कोरोना की पिछली दो लहरों के कहर ने लोगों में डर बिठा दिया है। इसलिए जिले भर के अस्पतालों में टेस्टिंग में कमी आई है। हालांकि शिमला जिले में दो महीनों से संक्रमण की दर में कमी आई है। शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का फैलाव घटा है, लेकिन संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए समय पर जांच करवाना जरूरी है।

जिला निगरानी अधिकारी डा. राकेश भारद्वाज का कहना है कि संक्रमण की दर का सही पता लगाने के लिए लोगों के टेस्ट होना जरूरी है। देखा जा रहा है कि लोग टेस्ट करवाने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्षण नजर आने के बाद संक्रमण का पता शुरुआती स्टेज पर चल जाए तो उसे ठीक करना आसान रहता है और मरीज की जान पर खतरा नहीं बनता। पिछली दो लहरों में अधिकतर ऐसे लोगों की मौत हुई जोकि देर से अस्पताल पहुंचे जब संक्रमण को काबू में लाना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि संक्रमण के लक्षण नजर आने पर इसे नजरअंदाज न करें। रैट, आरटीपीसीअर और ट्रू नेट से हो रही जांच

जिले के क्षेत्रीय अस्पताल सहित स्वास्थ्य केंद्रों पर रैट, आरटीपीसीआर और ट्रू नेट के माध्यम से जांच हो रही है। आरटीपीसीआर के अलावा अन्य दो माध्यमों से 15 से 20 मिनट के भीतर रिजल्ट मिल जाता है। वहीं आरटीपीसीआर की रिपोर्ट भी दूसरे दिन उपलब्ध हो जाती है। वहीं टेस्ट की रिपोर्ट के लिए 1077 नंबर पर लोग संपर्क कर सकते हैं ताकि उन्हें रिपोर्ट का स्टेटस पता लग सके।

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