दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

विपक्ष ही बताए, उस समय के सीएम दिल्ली घोड़े, गधे या खच्चर पर जाते थे

विपक्ष ही बताए, उस समय के सीएम दिल्ली घोड़े, गधे या खच्चर पर जाते थे

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने विपक्ष की ओर से लीज पर लिए गए हेलीक

JagranThu, 22 Apr 2021 09:18 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, शिमला : संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने विपक्ष की ओर से लीज पर लिए गए हेलीकाप्टर पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए कि उनके मुख्यमंत्री जब दिल्ली जाते थे तो घोड़े, गधे, खच्चर या फिर हेलीकाप्टर पर जाते थे। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिए फैसलों से मीडिया को अवगत करवाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से हेलीकाप्टर लीज पर लेने के मामले में गलत जानकारी दी जा रही है।

सरकार ने 17 सितंबर, 2019 में एक हेलीकाप्टर एमआइ-172 लीज पर लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मैसर्ज स्काई वन एयरवेज कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। वीरभद्र सिंह व प्रेम कुमार धूमल के समय में भी सरकार के पास हेलीकाप्टर की सुविधा रही। सरकार विभिन्न कंपनियों से लीज पर हेलीकाप्टर लेती रही है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों को देखते हुए बड़ा हेलीकाप्टर लेना आवश्यक था। लाहुल-स्पीति व किन्नौर सहित दूसरे दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हेलीकाप्टर की जरूरत रहती है।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पवनहंस कंपनी का हेलीकाप्टर 2013 मॉडल का था। पुराना होने के कारण उसका हर पुर्जा बदला जा चुका था। वह हेलीकाप्टर एक दिन इस्तेमाल होने के बाद डेढ़ माह तक खराब होकर ठीक होने के लिए खड़ा रहता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराना हेलीकाप्टर भी 5.10 लाख रुपये प्रति घंटा मूल्य पर उड़ान भरता था और अब स्काई वन कंपनी का लीज पर लिया गया हेलीकाप्टर भी 5.10 लाख रुपये प्रति घंटा से उड़ान भरेगा। स्काई वन कंपनी समय पर हेलीकाप्टर उपलब्ध नहीं करवा पाई है, उसके खिलाफ आठ करोड़ रुपये की पैनेल्टी लगी है। नए मॉडल का हेलीकाप्टर रूस से आया है और कुछ औपचारिकताओं के लिए नई दिल्ली में खड़ा है। छोटे हेलीकाप्टर में पांच लोगों के बैठने की क्षमता है, मगर पायलट टीम के दो सदस्यों के अलावा दो लोग ही बैठ सकते हैं।

---------

पहले तो संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज को अपनी भाषा को देखना चाहिए। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करके सरकार प्रदेश के लोगों के सामने क्या उदाहरण पेश करना चाहती है। यहां पर समूचा विश्व कोरोना महामारी से जीवन बचाने के लिए लड़ रहा है और सरकार हेलीकाप्टर लीज पर ले रही है। हो सकता है कि 2019 की परिस्थितियां हेलीकाप्टर लेने के लिए उचित थी, मगर अब नहीं हैं, क्योंकि नए हेलीकाप्टर के लिए सरकार को सालाना 30 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

-मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष।

------

सरकार के इस हेलीकाप्टर का उपयोग चार नगर निगमों में प्रचार के लिए हुआ। मुख्यमंत्री चाहे धर्मशाला गए या फिर मंडी गए। नगर निगम चुनाव के दौरान हर जगह के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग किया गया। हेलीकाप्टर की प्रदेश के हित में प्रासांगिकता बताई जाए।

-राकेश सिंघा, माकपा विधायक।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.