वर्षाशालिका तोड़ने पर किया चक्का जाम

उपमंडल ठियोग की जैस पंचायत में ठियोग-हाटकोटी सड़क पर एकमात्र वर्षा श्

JagranTue, 21 Sep 2021 08:16 PM (IST)
वर्षाशालिका तोड़ने पर किया चक्का जाम

संवाद सूत्र, ठियोग : उपमंडल ठियोग की जैस पंचायत में ठियोग-हाटकोटी सड़क पर एकमात्र वर्षा शालिका तोड़ने का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए ठियोग हाटकोटी मार्ग को करीब डेढ़ घंटे के लिए पूर्ण रूप से बंद कर प्रशासन और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

मामला ठियोग हाटकोटी सड़क का है, जहां जैस पंचायत में सड़क पर आम जनता की सुविधा के लिए बनाई गई वर्षाशालिका को बीती रात एक निजी ठेकेदार द्वारा मनमर्जी से तोड़ देने से ग्रामीण नाराज हो गए। हालांकि पंचायत के पूर्व प्रधान ने रात में ही प्रशासन को अवगत करवा दिया था कि यहां आमजन की सुविधा के लिए बनाई गई वर्षाशालिका को रात में तोड़ा जा रहा है।

इस बात पर प्रशासन से कार्य को रुकवाने का आश्वासन दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। स्थानीय ग्रामीणों ने जब सुबह टूटी हुई वर्षाशालिका को देखा तो उन्होंने सड़क पर चक्का जाम कर दिया। भड़के लोग प्रशासन की बात को मानने के लिए भी तैयार नहीं हो रहे थे। उनको समझाने के एसडीएम ठियोग सौरभ जसस्ल ने प्रयास किए लेकिन उनकी भी किसी ने नहीं सुनी और विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारों की गूंज के साथ स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

लोगों व अधिकारियो में हुई बहस

दोपहर करीब एक बजे ग्रामीण जब वर्षाशालिका तोड़ने का विरोध कर रहे थे तो लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब डेढ़ घंटे जब यह सड़क बंद रही तो जनता की मांग के अनुसार अधिकारियो ने कार्य करने का भरोसा दिलाते हुए उसी जगह पर नई वर्षाशालिका बनाने का दावा किया।

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आम जनता की सुविधा के लिए बनाई गई वर्षाशालिका को तोड़ना सरासर गलत है। सरकारी संपत्ति आमजन की संपत्ति है, जबकि इसके लिए प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया गया था। अगर समय रहते प्रशासन पहुंच जाता तो यह नुकसान होने से बच सकता था।

- रमेश हेट्टा, पूर्व प्रधान।

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सरकारी संपत्ति को ऐसे नहीं गिराया जा सकता और ऐसा होने पर संबंधित विभाग को दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाकर उनके खिलाफ उचित कारवाई अमल में लाई जानी चाहिए।

- संदीप वर्मा, माकपा नेता।

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पंचायत के व्यक्ति से शिकायत मिली तो मौके पर आए। लाखों की लागत से बना रेन शेल्टर को तोड़ना सही नहीं है। पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

- राजेश कंवर, जिला परिषद।

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