अब हुई पहचान, 50 हजार लोग अपनी बीमारी से अनजान

हिमाचल प्रदेश में 50 हजार लोगों को यह पता ही नहीं था कि वे किसी बीमारी से पीड़ित हैं।

JagranThu, 28 Oct 2021 11:50 PM (IST)
अब हुई पहचान, 50 हजार लोग अपनी बीमारी से अनजान

राज्य ब्यूरो, शिमला : इलाज तभी संभव है जब यह पता हो कि रोग क्या है। हैरत यह है कि हिमाचल प्रदेश में 50 हजार लोग जिनमें युवा भी शामिल हैं, ऐसे पाए गए जिन्हें यह पता ही नहीं था कि उन्हें कोई बीमारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए स्क्रीनिंग अभियान के दौरान इन लोगों के उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सामान्य कैंसर या अन्य बीमारी से पीड़ित होने का पता चलने पर उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश में इस साल जुलाई से 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की जा रही है। गैर संचारी रोगों (एनसीडी) के लिए 15 जोखिम कारकों के अलावा 10 प्रकार की बीमारियों के लिए स्क्रीनिग हो रही है। अब तक 23.78 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 34.69 फीसद यानी 8.25 लाख लोगों में उच्च रक्तचाप सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियां पाई गई हैं। यह अहम तथ्य भी सामने आया है कि तंबाकू, शराब, फास्ट फूड व शारीरिक निष्क्रियता से युवा बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वर्ष 2022 तक स्क्रीनिंग का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2022 तक 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 43 लाख लोगों की अभियान के तहत स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य है। अभियान का लक्ष्य किसी व्यक्ति में बीमारी का पता लगाने के साथ समय पर उपचार करवाना है जिससे मृत्यु दर को कम किया जा सके। इसके अलावा गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से युवाओं को बचाना भी है। स्क्रीनिंग में युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो तंबाकू, शराब, फास्ट फूड और शारीरिक निष्क्रियता जैसे सामान्य जोखिम वाले कारकों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। ई-हेल्थ कार्ड सफ्टवेयर से स्वास्थ्य की निगरानी

हिमाचल प्रदेश में सभी लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी अब ई-हेल्थ कार्ड साफ्टवेयर से होगी। इसके तहत हर व्यक्ति का पूरा डाटा दर्ज रहेगा जिन्हें विभिन्न प्रकार की बीामरियां हैं या उनके हो सकने का जोखिम है। इन बीमारियों के लिए हो रही स्क्रीनिंग

कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, बहरापन, अंधापन, मिर्गी, हृदय रोग, मानसिक बीमारी, किडनी रोग, फेफड़ों से संबंधित रोग। उपचार के लिए प्रोत्साहित किए जा रहे लोग

सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) मरीजों की जांच कर रहे हैं। लोगों को बीमारियों के खिलाफ जागरूक करने के साथ उपचार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। एएनएम स्तर पर टेबलेट व मोबाइल फोन में ई-हेल्थ कार्ड साफ्टवेयर के माध्यम से पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

-हेमराज बैरवा, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश

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