24 घंटे पेयजल आपूर्ति में एक और बाधा दूर

राजधानी शिमला को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति देने वाली महत्वाकांक्षी योज

JagranFri, 10 Sep 2021 11:01 PM (IST)
24 घंटे पेयजल आपूर्ति में एक और बाधा दूर

जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति देने वाली महत्वाकांक्षी योजना की एक और बाधा दूर हो गई है। इस परियोजना को बनाने के लिए वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। इसमें 700 पेड़ काटे जाने हैं, वहीं 900 पौधों को दूसरे स्थान पर लगाया जाएगा।

शिमला जल प्रबंधन निगम की ओर से यह प्रस्ताव तैयार कर वन भूमि के गैर वनीय इस्तेमाल की मंजूरी मांगी थी। नियमों के तहत अब इस परियोजना का काम शुरू हो सकेगा। इसके लिए पहले ही फंडिग को प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने ट्वीट के माध्यम से इसके लिए शिमला की जनता को बधाई दी है। इस परियोजना के बनने के बाद शहर में वर्ष 2050 तक पानी की कमी नहीं खलेगी। इस प्रोजेक्ट की 90 फीसद राशि विश्व बैंक देगा, वहीं शेष हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1813 करोड़ है। इसमें से 1160 करोड़ विश्व बैंक देगा, वहीं 653 करोड़ हिमाचल सरकार वहन करेगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत शिमला शहर को हर घर में 24 घंटे पानी मिलेगा। फिलहाल शहर को सभी पेयजल परियोजनाओं से 40 से 50 एमएलडी पानी रोजाना मिलता है। इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद शहर को अतिरिक्त 67 एमएलडी पानी मिलेगा। इसके साथ ही शिमला के साथ लगते क्षेत्रों घनाहट्टी, शोघी, कुफरी सहित अन्य क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। 24 घंटे पानी आपूर्ति के साथ शिमला नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाले हर क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत होंगे ये काम

-सतलुज के शकरोड़ी में 1.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक पानी लिफ्ट किया जाएगा।

-संजौली में 67 एमएलडी पानी पहुंचाया जाएगा, इसकी स्टोरेज के लिए नए टैंक बनेंगे।

-24 घंटे की पानी की आपूर्ति के लिए पाइपों को बदला जाएगा।

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